भगवंत मान, आज की तारीख में आम आदमी पार्टी के दूसरे मुख्यमंत्री और केजरीवाल के बाद बड़ा चेहरा भी। आम आदमी पार्टी के नेता और सरकार दोनों दावा करती रही है कि वो आम लोग हैं, वीवीआईपी नहीं, इसलिए सरकारी सुविधा का कम से कम उपयोग करेंगे, लेकिन असलियत कुछ और ही सामने आ रही है।
केजरीवाल सरकार पर पहले से ही सारी वीवीआईपी सुविधा लेने का आरोप लगते रहा है, अब पंजाब सरकार भी इस मामले में पीछे नहीं दिख रही है। जिस भगवंत मान से वीवीआईपी व्यवस्था खत्म करने के नाम पर कई बड़े नेताओं की सुरक्षा को हटा दिया था, वो मान 42 गाड़ियों के काफिले से चल रहे हैं। इतनी गाड़ियां तो उनके पहले सीएम के काफिले में भी नहीं होती थी, जिनपर मान और आप वीवीआईपी कल्चर को बढ़ावा देने का आरोप लगाते रहे हैं।
कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने एक आरटीआई के हवाले से दावा किया है कि भगवंत मान के काफिल में 42 कारें हैं। जो पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्रियों प्रकाश सिंह बादल, कैप्टन अमरिंदर सिंह और चरणजीत सिंह चन्नी के दौर में भी नहीं थी। उन्होंने ट्वीट कर कहा- ""चौंकाने वाला खुलासा- सीएम बादल के पास 2007-17 तक अपने काफिले में 33 वाहन थे। कैप्टन अमरिंदर के सीएम बनने पर भी वाहनों की संख्या में कोई बदलाव नहीं हुआ था, लेकिन आरटीआई के माध्यम से यह खुलासा हुआ है कि सीएम मान 'तथाकथित आम आदमी के काफिले में 42 कारें हैं।"
राज्य परिवहन आयुक्त की तरफ से इस आरटीआई का जवाब आया है। बाजवा ने कहा कि 20 सितंबर, 2021 से 16 मार्च, 2022 तक, मुख्यमंत्री के रूप में चरणजीत सिंह चन्नी के काफिले में 39 कारें थीं। ये भी भगवंत मान से कम ही है। उन्होंने कहा- "मुख्यमंत्री बनने से पहले भगवंत मान जो उपदेश देते थे, और मुख्यमंत्री बनने के बाद जो कर रहे हैं, उसमें काफी अंतर है।"
प्रताप सिंह बाजवा ने भगवंत मान पर कटाक्ष करते हुए पूछा कि क्या वह पंजाब के नागरिकों को बताएंगे कि वाहनों का यह बड़ा काफिला किस उद्देश्य से काम करता है?
