PM Modi at Morbi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार शाम मोरबी पहुंचे और रविवार को यहां हुए भीषण हादसे का जायजा लिया। पीएम ने उस ब्रिज को करीब से देखा जिसके टूटने से 135 लोगों की जान चली गई। पीएम जब ब्रिज का जायजा ले रहे थे तो उनके साथ गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल भी मौजूद थे। हादसे के तीसरे दिन भी लापता लोगों की तलाश के लिए मच्छू नदी में राहत एवं बचाव कार्य चलाया जा रहा है। नदी में बचाव कार्य में जुटे राहत कर्मियों से प्रधानमंत्री ने मुलाकात और उनसे बातचीत की।
इस दौरान राहत कर्मियों की बातों को पीएम ने ध्यानपूर्वक सूना। यहां से प्रधानमंत्री मोरबी के उस सिविल अस्पताल के लिए रवाना हुए जहां घायलों का इलाज चल रहा है। अस्पताल में प्रधानमंत्री घायल लोगों के पास पहुंचे और उनका हाल-चाल जाना। पीड़ित लोगों से उन्होंने बातचीत भी की।
सोमवार को घटना का जिक्र कर भावुक हुए पीएम
सोमवार को गुजरात में एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री इस घटना का जिक्र कर भावुक हो गए। पीएम ने कहा कि उनका मन बहुत व्यथित है। ऐसी पीड़ा का अनुभव उन्हें कभी नहीं हुआ। कार्यक्रम करने को लेकर मन दुविधा में है, लेकिन कर्तव्य के कारण कार्यक्रम कर रहा हूं। इस कार्यक्रम के बाद तय हो गया कि पीएम मंगलवार को मोरबी जाएंगे। पीएम को बनासकांठा में कई योजनाओं की नींव रखी और एक कार्यक्रम को संबोधित किया। इसी संबोधन के दौरान वह भावुक दिखे।
हादसे में अन्य 170 लोगों को बचाया गया
गुजरात सरकार के मंत्री राजेंद्र त्रिवेदी ने मंगलवार को कहा कि मोरबी पुल हादसे में मारे गए लोगों की संख्या बढ़कर 135 हो गई है और अब तक 170 अन्य को बचा लिया गया है। अधिकारियों ने कहा कि सशस्त्र बलों, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और अन्य एजेंसियों द्वारा मच्छु नदी में बचाव अभियान अभी जारी है। राजकोट रेंज के महानिरीक्षक (आईजी) अशोक कुमार यादव ने सोमवार को कहा था कि रविवार शाम को मोरबी में पुल के टूटकर गिरने से 134 लोगों की मौत हो गई। मंत्री ने राज्य की राजधानी गांधीनगर में संवाददाताओं से कहा, ''सभी मृतकों के परिजनों को पहले ही गुजरात सरकार द्वारा घोषित चार-चार लाख रुपये का मुआवजा दिया जा चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित दो-दो लाख रुपये का मुआवजा जल्द ही उनके बैंक खातों में डीबीटी (प्रत्यक्ष बैंक अंतरण) के माध्यम से जमा किया जाएगा।''
