कांग्रेस सांसद राहुल गांधी( Rahul gandhi) मंगलवार यानी 3 जनवरी से भारत जोड़ो यात्रा(Bharat Jodo Yatra Second Phase) के दूसरे चरण का आगाज करने वाले है। यूपी के लोनी बॉर्डर से यह यात्रा अपने अंतिम मुकाम के लिए शुरू होगी। पहले चरण में जब राहुल गांधी दिल्ली पहुंचे तो अलग अंदाज में ही ना सिर्फ नजर आए बल्कि बयान भी थोड़े से अलग थे। उन्होंने खुद को ठंड ना लगने का राज बताया तो यह भी कहा कि बीजेपी के अवसान का आगाज हो चुका है और मध्य प्रदेश उसका पहला उदाहरण होगा जहां कांग्रेस प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में आएगी। इन सबके बीत उनकी भारत जोड़ो यात्रा को श्रीराम जन्मभूमि सर्वोच्च पुरोहित सत्येंद्र दास(Shriram janambhoomi chief priest satyendra das) ने अपना आशीर्वाद दिया है।
सत्येंद्र दास ने दिया आशीर्वाद
मैं ईमानदारी से आशा और प्रार्थना करता हूं कि आप जिस मिशन के लिए लड़ रहे हैं वह सफल हो। मैं प्रार्थना करता हूं कि आप लंबी उम्र जिएं। पत्र में कहा गया है।आप लोगों के हित और उनकी खुशी के लिए काम कर रहे हैं, जिसे 'सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय' के नाम से जाना जाता है। मैं प्रार्थना करता हूं कि भगवान राम का आशीर्वाद आप पर निरंतर बना रहे। सत्येंद्र दास के इस खत के सियासी मतलब निकाले जा रहे हैं। आखिर इसे लेकर जानकार क्या कहते हैं समझना जरूरी है। जानकारों का कहना है कि कन्याकुमारी से श्रीनगर तक राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा को अलग अलग तरह से रेस्पांस मिल रहा है।
क्या कहते हैं जानकार
राजनीति में परसेप्शन यानी किसी शख्सियत को लेकर किस तरह की धारणा बनती है अहम माना जाता है और जब किसी शख्स को एकदम विपरीत विचारों वाले लोगों से समर्थन मिलना शुरू हो तो जन धारणा बदलती है। अयोध्या के राम मंदिर में मूर्तियों को रखवाना हो या ताला खुलवाना हो कांग्रेस ने अपने हिंदू वोटबैंक को सहेजने के लिए किया।लेकिन बीजेपी लोगों को यह विश्वास दिलाने में कामयाब हुई कि कांग्रेस सिर्फ इस मुद्दे पर राजनीति करती रही है। लेकिन जिस तरह से श्रीराम जन्मभूमि के सर्वोच्च पुरोहित ने राहुल गांधी को आशीर्वाद दिया है उसकी वजह से बीजेपी के सामने मुश्किलें आ सकती हैं। बीजेपी को यह समझाना होगा जिस साधु संत समाज के लिए वो मिलकर चलने की काम करती है उनमें से एक बड़े साधु का विचार अलग क्यों है।
