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जेल में देवेगौड़ा के पोते के पास मिला फोन, रेप केस में उम्रकैद काट रहे हैं प्रज्वल रवन्ना

बेंगलुरु सेंट्रल जेल में सीसीबी की छापेमारी के दौरान उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना के पास से एक एंड्रॉइड स्मार्टफोन जब्त किया गया है। घटना के बाद जेल के असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट को निलंबित कर दिया गया है।

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जेल में बंद रेवन्ना के पास मिला स्मार्टफोन (फाइल फोटो)

Photo : PTI

बेंगलुरु सेंट्रल जेल में बंद हाई-प्रोफाइल कैदियों के बैरकों में सिटी क्राइम ब्रांच (CCB) की अचानक हुई छापेमारी के बाद बड़ा प्रशासनिक हड़कंप मच गया है। यौन शोषण और दुष्कर्म मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा के पोते और पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना के कब्जे से एक एंड्रॉइड स्मार्टफोन बरामद किया गया है। जेल परिसर के भीतर प्रतिबंधित मोबाइल फोन मिलने के बाद पुलिस और कारागार प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

4-5 घंटे चली छापेमारी, जेल अधिकारियों पर गिरी गाज

महानिदेशक (DGP, कारागार एवं सुधार सेवाएं) आलोक कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि मंगलवार दोपहर CCB की टीमों ने जेल में बंद सभी हाई-प्रोफाइल कैदियों के बैरकों में सघन तलाशी अभियान चलाया। CCB अधिकारियों ने लगभग 4 से 5 घंटे तक गहन छानबीन की। इस दौरान प्रज्वल रेवन्ना के पास से एक एंड्रॉइड फोन जब्त किया गया। इसके अलावा कोई अन्य आपत्तिजनक सामान नहीं मिला। DIG साउथ की जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है

बेंगलुरु सेंट्रल जेल के अधीक्षक (SP) को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।

कौन हैं प्रज्वल रेवन्ना?

कर्नाटक के हासन लोकसभा क्षेत्र से पूर्व सांसद रहे प्रज्वल रेवन्ना पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा के पोते हैं। रेवन्ना का राजनीतिक करियर कई महिलाओं के साथ यौन शोषण और उससे जुड़े हजारों अश्लील वीडियो (पेन ड्राइव कांड) के सामने आने के बाद खत्म हो गया था। दुष्कर्म और आपराधिक यौन उत्पीड़न के मामलों में अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद वे फिलहाल बेंगलुरु सेंट्रल जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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