Punjab Floods: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल पंजाब में 1600 करोड़ रूपये के पैकेज की घोषणा की उसके बाद से ही पंजाब में राजनीति शुरू हो गई है। बीजेपी पर आम आदमी पार्टी और कांग्रेस निशाना साथ रहे हैं, लेकिन बीजेपी ने भी आंकड़ों के साथ इसका जवाब दिया है और कहा है कि पहले आम आदमी पार्टी सरकार तय कर लें कि नुकसान कितना हुआ है। मुख्य सचिव ने जो कागज प्रधानमंत्री को सौंपे उसमें साढ़े 13 हजार करोड़ की मांग की है, जबकि सरकार के मंत्री 20 हजार करोड़ रुपए की बात कर रहे हैं, जो नुकसान हुआ है उससे कहीं ज्यादा का मुआवजा मांगा जा रहा है।
केंद्र पर बरसी कांग्रेस
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल छींका कहना है कि उन्होंने पंजाब के लिए 20 हजार करोड़ रुपया के पैकेज की मांग की थी, लेकिन महज़ 1600 करोड़ रुपये देकर प्रधानमंत्री ने पंजाब के साथ मज़ाक किया है। पंजाब में चुनावों को महज़ डेढ़ साल रह गया है लिहाज़ा पंजाब में आयी आपदा में हर राजनीतिक दल अवसर ढूंढ रहा है। लिहाज़ा कांग्रेस ने भी 1600 करोड़ रूपये के इस पैकेज को ऊंट के मुंह में ज़ीरा क़रार दिया है। पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरेंद्र सिंह राजा वडिंग ने कहा कि केंद्र सरकार पंजाब के साथ भेदभाव कर रही है।
वहीं, पंजाब बीजेपी अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने विरोधियों की बातों का जवाब दिया। सुनील जाखड़ ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह सरकार केंद्र से सहायता लेने के लिए तर्कहीन आंकड़े पेश कर रही है, जिसका खामियाजा पंजाब के लोग भुगत रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य के लिए 1600 करोड़ रुपये की तत्काल राहत दी है और यह भी कहा है कि अन्य प्रस्ताव आने पर उनके लिए भी सहायता की जाएगी।
उन्होंने कहा कि AAP सरकार के मुख्य सचिव प्रधानमंत्री के सामने नुकसान को 13,289 करोड़ बता रहे थे, जबकि सरकार के मंत्री हरदीप सिंह मुंडी ने इसे 20 हजार करोड़ बताया। मनमाने आंकड़े पेश कर AAP सरकार ने अपना गैर-जिम्मेदाराना रवैया दिखाया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने ग्रामीण विकास के लिए 5,043 करोड़ रुपये की मांग की, जबकि इस सरकार ने वर्ष 2022-23 में पंजाब के 13,500 गांवों में केवल 1,156 करोड़ और 2023-24 में 778 करोड़ रुपये ही ग्रामीण विकास पर खर्च किए।
इसी तरह, इस सरकार ने पिछले साढ़े तीन साल में मंडी बोर्ड के माध्यम से सड़कों पर केवल 500 करोड़ रुपये खर्च किए, लेकिन अब बाढ़ प्रभावित गांवों की सड़कों के लिए पंजाब सरकार 1,022 करोड़ रुपये मांग रही है, जबकि इसी सरकार ने कुछ दिन पहले घोषणा की थी कि 800 करोड़ रुपये से 8,000 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों की मरम्मत करेगी। इस तरह ये सभी आंकड़े तथ्यों से रहित और आपस में विरोधी हैं, जो सरकार की नाटकबाजी और गंभीरता की कमी का प्रमाण हैं।
