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West Bengal के टेस्ट पेपर में 'आजाद कश्मीर' को लेकर पूछे गए सवाल पर सियासी बवाल, ममता सरकार पर हमलावर हुई BJP

  • Authored by: किशोर जोशी
  • Updated Jan 19, 2023, 10:14 AM IST

Azad Kashmir Controversy: छात्रों के टेस्ट पेपर में "आजाद कश्मीर" दिखाने पर पश्चिम बंगाल में सियासी घमासान मच गया है। बंगाल के शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु का कहना है कि उन्होंने बोर्ड से इस मुद्दे पर एक्शन लेने को कहा है।

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शिक्षा राज्य मंत्री ने ममता सरकार से इस मामले पर जवाब मांगा है।

Photo : ANI

Azad Kashmir Controversy: पश्चिम बंगाल (West Bengal) में 10वीं कक्षा के मॉडल प्रश्न पत्र (Exam Paper) को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। इस पेपर में छात्रों को मानचित्र पर 'आज़ाद कश्मीर' चिह्नित करने के लिए कहा गया। यह प्रश्न पत्र सोशल मीडिया (Social Media) पर वायरल हो गया है। विपक्षी भाजपा (BJP) ने इसे 'जिहादी साजिश' होने का दावा किया। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इसे एक गलती करार देते हुए कहा कि वह इसका वह समर्थन नहीं करती है। बोर्ड ने मंगलवार रात एक शुद्धिपत्र जारी कर कहा कि प्रश्न को 'आजाद कश्मीर' के बजाय 'कश्मीर' के रूप में पढ़ा जाना चाहिए।

किया था आजाद कश्मीर का जिक्र

दरअसल, 'आजाद कश्मीर' पाकिस्‍तान द्वारा इस्‍तेमाल किया जाने वाला शब्‍द है, जिसे वो पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) के लिए इस्‍तेमाल करता है। भारत इस क्षेत्र को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) कहता है। यह 1947 से दोनों देशों के बीच एक ज्वलंत मुद्दा है। आमतौर पर मार्च-अप्रैल में आयोजित होने वाली पश्चिम बंगाल की कक्षा 10वीं की माध्यमिक परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों द्वारा टेस्ट पेपर का उपयोग किया जाता है। बोर्ड द्वारा हर साल प्रकाशित की जाने वाली यह किताब पूरे बंगाल के सरकारी स्कूलों द्वारा भेजे गए सवालों का संकलन है। विवादास्पद प्रश्न पृष्ठ 132 पर छपा है।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष और अन्य नेताओं ने तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि यह अलगाववादियों की भाषा है। बीजेपी ने कहा कि ममता सरकार अलगाववादी ताकतों की समर्थक है। बीजेपी ने आरोप लगाया कि यह राज्य सरकार न केवल उग्रवादियों का समर्थन कर रही है, बल्कि युवा छात्रों में भारत विरोधी मानसिकता पैदा करने का भी प्रयास कर रही है। टीएमसी का मतलब है भ्रष्टाचार, झूठ और आतंकवाद।

शिक्षा राज्य मंत्री का बयान

शिक्षा राज्य मंत्री डॉ सुभाष सरकार ने कहा, 'ऐसा नहीं होना चाहिए। पेपर सेट करने वाला राष्ट्र-विरोधी और आतंकवाद को प्रेरित करने वाला है। राज्य के शिक्षा मंत्री को उन्हें लिखना चाहिए और इस टेस्ट पेपर सेल को तुरंत बंद कर देना चाहिए। हम इसकी जांच करेंगे और निर्णय लेंगे।' WBBSE अध्यक्ष रामानुज गांगुली ने कहा, 'पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने एक शुद्धिपत्र जारी किया। हमें 5 स्कूलों में प्रश्न पत्रों और सावधानी पत्र में समस्या मिली। प्रश्न पत्र बनाने वाले 6 शिक्षकों व निजी पुस्तक प्रकाशकों को भी आगाह किया गया। हम सावधान रहना सुनिश्चित करेंगे।'
किशोर जोशी
किशोर जोशी author

राजनीति में विशेष दिलचस्पी रखने वाले किशोर जोशी को और खेल के साथ-साथ संगीत से भी विशेष लगाव है। यह टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल में नेशनल डेस्क पर कार्यरत ... और देखें

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