Kolkata : साल 2014 में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास कर चुके उम्मीदवारों की शुक्रवार को कोलकाता में पुलिस से जोरदार झड़प हुई। उग्र हुए प्रदर्शनकारियों पर काबू पाने के लिए कोलकाता पुलिस ने बल का प्रयोग किया। प्रदर्शनकारी अपनी जगह से हिलने के लिए तैयार नहीं थे, सड़क खाली कराने के लिए पुलिस उन्हें घसीटकर बस तक ले गई। प्रदर्शनकारियों में महिलाएं भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इस प्रदर्शन में कुछ अभ्यर्थी घायल हुए हैं। ये प्रदर्शनकारी अपनी भर्ती को लेकर प्राथमिक शिक्षा बोर्ड कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे। उग्र प्रदर्शन को देखते हुए इलाके में धारा 144 लगा दी गई है। इन युवाओं का कहना है कि वह दोबारा परीक्षा नहीं देंगे।
बीते चार दिनों से धरना दे रहे हैं युवा
साल्ट लेक में शिक्षा बोर्ड के बाहर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को पुलिस ने गुरुवार आधी रात को हिरासत में लिया। छात्रों का कहना है कि पुलिस ने उनके साथ बुरा बर्ताव किया और उन्हें खींचकर वहां से ले गई। साल 2014 में टीईटी परीक्षा पास कर चुके छात्र बीते चार दिनों से धरना दे रहे हैं। इससे पहले पुलिस ने युवाओं से अपना धरना समाप्त करने की अपील की थी। गुरुवार रात पुलिस धरना स्थल पर पहुंची और जबरन जगह खाली कराया। पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और पुलिस स्टेशन लेकर गई।
ममता सरकार पर आक्रामक हुई BJP
साल 2014 में TET पास करीब 500 युवा गत सोमवार से प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के बाहर बैठे हैं। युवाओं को कहना है कि वे दोबारा परीक्षा में नहीं बैठेंगे। कुछ रिपोर्टों में कहा गया कि कुछ युवा गुरुवार शाम बीमार पड़ गए। युवाओं के साथ पुलिस की कथित दुर्व्यवहार को लेकर भाजपा ममता सरकार पर आक्रामक हो गई है।
भाजपा ने पुलिस कार्रवाई की निंदा की
भाजपा विधायक अग्निमित्र पॉल ने कहा, 'यह बहुत ही शर्मनाक एवं दुखद है। रात के समय महिला को हिरासत में लेने का कोई कानूनी प्रवाधान नहीं है। रात के समय महिलाओं को वैन में भरकर पुलिस स्टेशन ले जाया गया। प्रदर्शन करना हमारा लोकतांत्रिक अधिकार है।' भाजयुमो ने कहा कि पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ वह एक बड़ा प्रदर्शन करेगा।
