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10 लाख नौकरी मोदी का नया दांव 'रोजगार मेला' गुजरात से लेकर दिल्ली तक बनेगा ट्रंप कार्ड !

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  • Updated Oct 22, 2022, 10:20 AM IST

PM Narendra Modi will launch Rozgar Mela: अच्छे दिन के वादे के साथ 2014 में आई मोदी सरकार, अपने दूसरे कार्यकाल में बेरोजगारी के मुद्दे पर हमेशा से विपक्ष के निशाने पर रही है। पहले कोविड-19 और अब रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद बदली परिस्थितियों की वजह से बेरोजगारी के मुद्दे पर मोदी सरकार सहज नहीं हो पाई है।

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पीएम नरेंद्र मोदी धनतेरस पर लांच करेंगे रोजगार मेला

KEY HIGHLIGHTS
  • राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भी बेरोजगारी के मुद्दे पर चिंता जता चुका है।
  • 2024 के लोक सभा चुनाव में बेरोजगारी बन सकता है बड़ा मुद्दा।
  • गुजरात, हिमाचल सहित 12 राज्यों में होने हैं विधानसभा चुनाव।

Prime Minister Narendra Modi will launch Rozgar Mela: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी धनतेरस (Dhanteras) के मौके पर 75 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र सौपेंगे। मोदी सरकार का यह फैसला उस समय आया है जब वह बढ़ती बेरोजगारी की वजह से न केवल विपक्ष के निशाने पर है। बल्कि भाजपा (BJP) का मातृ संगठन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS)भी बढ़ती बेरोजगारी और अमीर-गरीब के बीच बढ़ती खाई पर चिंता जता चुका है। मोदी सरकार के नए प्लान के अनुसार 22 अक्टूबर (धनतेरस) से सरकार 'रोजगार मेला ' (Rozgar Mela)शुरू कर रही है। और उसकी योजना के अनुसार रोजगार मेले के जरिए 10 लाख (10 Lakh Government Jobs) लोगों की भर्तियां की जाएंगी। इसके पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जून 2022 में केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों को निर्देश दिया था कि डेढ़ साल के अंदर 10 लाख पदों पर भर्तियां की जाएं।

कोविड दौर से बेरोजगारी बनी बड़ी चुनौती

अच्छे दिन के वादे के साथ 2014 में आई मोदी सरकार, अपने दूसरे कार्यकाल में बेरोजगारी के मुद्दे पर हमेशा से विपक्ष के निशाने पर रही है। पहले कोविड-19 और अब रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद बदली परिस्थितियों की वजह से बेरोजगारी के मुद्दे पर मोदी सरकार सहज नहीं हो पाई है। हालात यह है कि CMIE के आंकड़ों के अनुसार अक्टूबर के महीने में यह 7 फीसदी से ऊपर पहुंच चुकी है। जबकि सितंबर में यह 6.43 फीसदी के स्तर पर थी। परेशान करने वाली बात यह है कि राजस्थान, बिहार, हरियाणा जैसे राज्यों में तो यह दो अंकों में पहुंच गई है।

राज्यबेरोजगारी दर (सितंबर-2022)
राजस्थान23.8 फीसदी
जम्मू और कश्मीर23.2 फीसदी
हरियाणा22.9 फीसदी
त्रिपुरा17.0 फीसदी
झारखंड12.2 फीसदी
बिहार11.4 फीसदी
स्रोत: CMIE

इसी कारण राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के महासचिव दत्तात्रेय होसबाले ने बेरोजगारी इनकम की असमानता और गरीबी पर चिंता जताते हुए हाल ही में कहा था कि हमें इस बात का दुख होना चाहिए कि 20 करोड़ लोग गरीबी रेखा से नीचे हैं और 23 करोड़ लोग प्रतिदिन 375 रुपये से भी कम कमा रहे हैं। गरीबी हमारे सामने एक राक्षस-जैसी चुनौती है। यह महत्वपूर्ण है कि इस दानव को खत्म किया जाए। उन्होंने कहा कि गरीबी के अलावा असमानता और बेरोजगारी दो चुनौतियां हैं जिनसे निपटने की आवश्यकता है।

कहां से 10 लाख नौकरी देगी मोदी सरकार

कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने 29 जुलाई 2021 को राज्य सभा में बताया था कि केंद्र सरकार के सभी विभागों में एक मार्च 2020 तक स्वीकृत पदों की संख्या 40,04,941 थी, जिनमें से 31,32,698 कर्मचारी कार्यरत थे। यानी केंद्र सरकार के विभागों में 8.72 लाख पद खाली थे। वहीं सरकार के अनुसार 2016-17 से 2020-21 के बीच सबसे ज्यादा भर्तियों तीन संस्थाओं द्वारा की गई है। इसके तहत कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने 2,14,601 और रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) ने 2,04,945 उम्मीदवारों की भर्ती की है। जबकि इसके बाद संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने 25,267 उम्मीदवारों की भर्तियां की हैं। रिपोर्ट के अनुसार सबसे ज्यादा खाली पद रक्षा, रेलवे, गृह मंत्रालय, डाक तार विभाग आदि में है।

विभागखाली पद
रेलवे 2,93,943
रक्षा (सिविलियन)2,64,706
गृह मामले1,43,536
डाक90,050
रेवेन्यू80,243
स्रोत: वित्त मंत्रालय, डिपॉर्टमेंट ऑफ एक्सपेंडिचर, 2020-21 (वार्षिक रिपोर्ट)

2024 के लोक सभा चुनाव से लेकर 12 राज्यों में बन सकता है चुनावी मुद्दा

रोजगमार मेले की टाइमिंग और 10 लाख नौकरियां देने की डेडलाइन को देखा जाय, तो यह ऐसे समय आई है, मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आधा समय बीत चुका है। और अब बैक-टू-बैक चुनाव का दौर भी शुरू होने वाला है। और 2024 के लोक सभा चुनाव से पहले 12 राज्यों में विधान सभा चुनावों के परिणाम आ चुके होंगे। इसलिए बेरोजगारी को विपक्ष विधान सभा चुनावों से लेकर लोक सभा चुनाव में एक बड़ा मुद्दा बना सकता है। ऐसे में 10 लाख नौकरियों का दांव, मोदी सरकार के लिए बड़ा ढाल बन सकता है।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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