PM Modi Somnath visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ अमृत महोत्सव में भाग लेने से पहले सोमवार को गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में रोड शो किया। जहां मंदिर में पूजा करने के बाद उन्होंने लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मैं सभी देशवासियों को, दादा सोमनाथ के कोटि-कोटि भक्तों को इस महोत्सव की बहुत-बहुत बधाई देता हूं। बता दें कि सोमनाथ अमृत महोत्सव, भगवान शिव के प्रसिद्ध मंदिर के जीर्णोद्धार किए जाने के बाद इसे श्रद्धालुओं के लिए फिर से खोले जाने के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है।
पीएम मोदी ने कहा, 'मैं यहां देख रहा हूं कि सोमनाथ का अमृत महोत्सव केवल अतीत का उत्सव नहीं है। ये अगले 1 हजार वर्षों के लिए भारत की प्रेरणा का महोत्सव भी है।' उन्होंने आगे कहा कि आज का दिन एक और वजह से भी विशेष है। 11 मई, 1998 यानी आज के ही दिन देश ने पोखरण में परमाणु परीक्षण किया था। देश ने 11 मई को पहले 3 परमाणु परीक्षण किए। हमारे वैज्ञानिकों ने भारत के सामर्थ्य को, भारत की क्षमता को दुनिया के सामने रखा। दुनिया में तूफान आ गया कि भारत कौन होता है, उसकी ये हैसियत, जो परमाणु परीक्षण करें।
'सोमनाथ मंदिर का वैभव मिटाने का प्रयास...'
पीएम ने कहा, 'लुटेरों ने सोमनाथ मंदिर का वैभव मिटाने का प्रयास किया। वो सोमनाथ को एक भौतिक ढांचा मानकर उससे टकराते रहे! बार-बार इस मंदिर को तोड़ा गया, ये बार-बार बनता रहा... हर बार उठ खड़ा होता रहा!' उन्होंने कहा कि विदेशी हमलावरों ने राष्ट्रीय पहचान से जुड़े स्थलों को नष्ट किया। राष्ट्रीय स्वाभिमान से जुड़े विषयों पर भी राजनीति होती रही। सोमनाथ खुद इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।
राम मंदिर का विरोध
पीएम मोदी ने कहा, ' राम मंदिर निर्माण का भी विरोध किया गया। हमें ऐसी मानसिकता से सावधान रहना है। इस तरह की संकुचित राजनीति को हमें पीछे छोड़ना होगा। हमें विकास और विरासत को साथ लेकर के आगे बढ़ना होगा।'
हैलीपेड से प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर के पास वीर हमीरजी सर्कल तक लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबे मार्ग पर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करने के लिए बड़ी संख्या में लोग कतार में खड़े थे। क्षेत्र से मोदी का काफिला गुजरते समय लोगों ने झंडे लहराए और नारे लगाए।
पश्चिम बंगाल समेत देश के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकारों ने मार्ग में निर्धारित स्थानों पर पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किए। प्रधानमंत्री अपने दो दिवसीय गुजरात दौरे के तहत रविवार रात जामनगर पहुंचे और रात्रि विश्राम के बाद सोमवार सुबह सोमनाथ पहुंचे।
सोमनाथ मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और भारत की अटूट आस्था तथा सभ्यतागत विरासत का प्रतीक है। भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्वारा 1951 में पुनर्निर्मित मंदिर के उद्घाटन किए जाने के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में सोमनाथ अमृत महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
Updates:
-सोमनाथ में अमृत महोत्सव... 'कुंभाभिषेक' के बाद आसमान में वायु सेना का रोमांचक करतब
-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ अमृत पर्व 2026 समारोह के अंतर्गत सोमनाथ मंदिर के शिखर का 'जलाभिषेक' किया।
-सोमनाथ मंदिर में सोमनाथ अमृत महोत्सव समारोह चल रहा है; इस अवसर पर हेलीकॉप्टर से फूलों की वर्षा की जा रही है।
-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक, सोमनाथ मंदिर में 'सोमनाथ अमृत महोत्सव' के अंतर्गत अनुष्ठान किए। सोमनाथ अमृत महोत्सव, मंदिर के पुनर्निर्माण के बाद उसके उद्घाटन के 75 वर्ष पूरे होने का प्रतीक है।
मोदी मंदिर में अभिषेक, ध्वज पूजा और महा पूजा सहित कई अनुष्ठान में भाग ले रहे हैं। इन अनुष्ठानों के दौरान हेलीकॉप्टर से मंदिर पर फूल बरसाए जाएंगें। इसके बाद प्रधानमंत्री सद्भावना मैदान में एक जनसभा को संबोधित करेंगे।
सोमनाथ अमृत महोत्सव
प्रधानमंत्री सोमनाथ मंदिर में सोमनाथ अमृत महोत्सव में भाग लेंगे। बाद में वह वडोदरा जाएंगे, जहां वह शाम छह बजे सरदारधाम छात्रावास का उद्घाटन करेंगे और दोनों अवसरों पर उपस्थित लोगों को संबोधित करेंगे। भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक सोमनाथ में प्रधानमंत्री सोमनाथ अमृत महोत्सव में भाग लेने पहुंचे हैं। सोमनाथ अमृत महोत्सव, पुनर्निर्मित मंदिर के उद्घाटन के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। समारोह के दौरान प्रधानमंत्री कई कार्यक्रमों में भाग लेंगे। वह इस अवसर पर सोमनाथ की समृद्ध विरासत और आध्यात्मिक महत्व की स्मृति में एक स्मारक डाक टिकट और सिक्का भी जारी करेंगे।
