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BJP ने लॉन्च किया सदस्यता अभियान, पीएम मोदी बने पहले सदस्य, बोले- हम वो लोग जो दीवारों पर पेंट करते थे 'कमल'

BJP National Membership Drive Launch: प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय जनता पार्टी के सदस्यता अभियान को लॉन्च करते हुए कहा कि हम वो लोग हैं, जिन्होंने श्रद्धा से दीवारों पर कमल पेंट किया, क्योंकि विश्वास था कि दीवारों पर पेंट किया कमल कभी न कभी तो दिलों पर भी पेंट हो जाएगा।

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भाजपा ने लॉन्च किया राष्ट्रीय सदस्यता अभियान।

Photo : Twitter

BJP National Membership Drive: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी के सदस्यता अभियान की शुरुआत की। बीजेपी मुख्यालय में हुए इस कार्यक्रम में पीएम मोदी ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के हाथों भाजपा सदस्यता प्रमाण पत्र प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित भी किया। पीएम मोदी ने कहा, आज सदस्यता अभियान का एक और दौर प्रारंभ हो रहा है। भारतीय जनसंघ से लेकर अब तक हमने देश में एक नई राजनीतिक संस्कृति लाने का भरसक प्रयास किया है। जब तक जिस संगठन के माध्यम से या जिस राजनीतिक दल के माध्यम से देश की जनता सत्ता सुपुर्द करती है, वो ईकाई, वो संगठन और वो दल अगर लोकतांत्रिक मूल्यों को नहीं जीता है, आंतरिक लोकतंत्र निरंतर उसमें पनपता नहीं है तो वैसी स्थिति बनती है जो आज देश कई दलों को हम देख रहे हैं।

उन्होंने कहा, भाजपा एक मात्र दल है, जो अपनी पार्टी के संविधान के अनुसार अक्षरश: लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए अपने कार्य का विस्तार कर रहा है और जन-सामान्य की आशा, आकांक्षाओं पर खरा उतरने के लिए अपने आप को निरंतर योग्य बनाते रहता है। पीएम मोदी ने कहा, मैं जब राजनीति में नहीं था, तो जनसंघ के जमाने में बढ़े उत्साह के साथ कार्यकर्ता दीवारों पर दीपक पेंट करते थे तो कई राजनीतिक दल के नेता अपने भाषणों में मजाक उड़ाते थे कि दीवारों पर दीपक पेंट करने से सत्ता के गलियारों तक नहीं पहुंचा जा सकता है!

हम वो लोग जिन्होंने दीवारों पर कमल पेंट किया

प्रधानमंत्री ने कहा, हम वो लोग हैं, जिन्होंने श्रद्धा से दीवारों पर कमल पेंट किया, क्योंकि विश्वास था कि दीवारों पर पेंट किया कमल कभी न कभी तो दिलों पर भी पेंट हो जाएगा। उन्होंने कहा, आज भी कुछ राज्यों में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता उसी जीवन को जीते हैं और अपने आदर्शों के लिए जूझते हैं। हमारे कार्यकर्ताओं के लिए कहा जाता था कि उसका एक पैर रेल में होता है और दूसरा जेल में होता है। रेल में इसलिए कि भाजपा का कार्यकर्ता निरंतर भ्रमण करता था, प्रवास करता था और समाज की समस्याओं के समाधान के लिए सत्ता पर बैठे हुए लोगों के सामने संघर्ष करता था। इसलिए कभी जेल तो कभी बाहर( ये उसकी स्थिति होती थी।

महिला आरक्षण इसी कालखंड में...

पीएम ने कहा, ये जो सदस्यता अभियान होगा, जो संगठन की संरचना होगी, उसी कालखंड में विधानसभाओं और लोकसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण लागू हो गया होगा। महिलाओं के लिए अगर ये 33 प्रतिशत आरक्षण इसी कालखंड में आने वाला है तो क्या मेरे सदस्यता अभियान में मैं वैसे सभी लोगों को जोड़ूंगा, जो मेरी पार्टी के इतने महत्वपूर्ण निर्णय में अधिकतम महिलाओं को विजयी बनाकर एमएलए, एमपी बना सके।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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