प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की शैक्षणिक डिग्री को लेकर दिए गए बयान पर हुए मानहानि केस में जेल में बंद आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और राज्यसभा सदस्य संजय सिंह के खिलाफ गुरुवार (28 दिसंबर, 2023) को गुजरात में अहदाबाद की एक मेट्रोपोलिटन कोर्ट ने पेशी वारंट जारी किया।
अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट एस जे पांचाल की अदालत ने सिंह के खिलाफ पेशी वारंट तब जारी किया जब उनके वकील ने अदालत को सूचित किया कि उन्हें अपने मुवक्किल से कोई निर्देश नहीं मिला है क्योंकि आप नेता दिल्ली की तिहाड़ जेल में हैं।
पेशी वारंट के जरिए मजिस्ट्रेट ने स्थानीय पुलिस को सिंह को तिहाड़ जेल से हिरासत में लेने और 11 जनवरी को पूर्वाह्न 11 बजे अदालत के सामने पेश करने का निर्देश दिया है। उस दिन अदालत मामले में आगे की सुनवाई करेगी। अदालत ने जब गवाहों से पूछताछ शुरू की तो केजरीवाल के वकील ने पेशी से छूट की याचिका दायर की। अदालत ने याचिका स्वीकार कर ली।
सिंह के वकील ने अदालत को सूचित किया कि उन्हें सिंह से कोई निर्देश नहीं मिला है क्योंकि आप नेता सलाखों के पीछे हैं, इस पर जीयू के वकील अमित नायर ने कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि यह मामले को और विलंबित करने की आप नेता की रणनीति है। इसके बाद उन्होंने मजिस्ट्रेट पांचाल से सिंह के खिलाफ पेशी वारंट जारी करने का आग्रह किया। अदालत ने नायर की याचिका स्वीकार कर ली और वारंट जारी कर दिया।
कोर्ट ने पिछले दिनों दोनों नेताओं को यह कहते हुए तलब किया था कि प्रथम दृष्टया उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 500 (मानहानि) के तहत मामला बनता है।
दरअसल, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और सिंह पर प्रधानमंत्री मोदी की डिग्री के संबंध में अपने ‘‘व्यंग्यात्मक’’ और ‘‘अपमानजनक’’ बयानों के माध्यम से गुजरात विश्वविद्यालय (जीयू) की छवि खराब करने का आरोप है। सिंह को दिल्ली में आबकारी घोटाले से संबंधित धन शोधन मामले में पांच अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था।
गुजरात उच्च न्यायालय की ओर से प्रधानमंत्री मोदी की डिग्री पर मुख्य सूचना आयुक्त के आदेश को रद्द करने के बाद जीयू के रजिस्ट्रार पीयूष पटेल ने दोनों नेताओं के खिलाफ उनकी टिप्पणियों पर मानहानि का मामला दायर किया था।
