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बिहार को आज पीएम मोदी देंगे 12,100 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की सौगात, जानें इनमें क्या-क्या शामिल

PM Modi to Visit Bihar Today: आज का दिन बिहार के लिए बेहद खास होने वाला है। पीएम मोदी आज बिहार दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वो 12,100 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री की इस सौगात में कौन-कौन सी परियोजनाएं शामिल हैं, आपको इस रिपोर्ट में सबकुछ बताते हैं।

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पीएम मोदी आज बिहार को देंगे करोड़ों की परियोजनाओं की सौगात।

Bihar News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज बिहार का दौरा करेंगे और करीब 12,100 करोड़ रुपये की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे, जिनमें दरभंगा में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की आधारशिला भी शामिल है। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी एक बयान में यह भी कहा गया है कि एक अनूठी पहल के तहत मोदी देशभर में रेलवे स्टेशनों पर 18 जन औषधि केंद्रों का लोकार्पण भी करेंगे।

क्या है पीएम मोदी के बिहार दौरे का पूरा प्लान?

पीएम मोदी आज बिहार को बड़ी सौगात देने वाले हैं। ऐसे में पीएमओ ने इससे जुड़ी जानकारी साझा करते हुए बताया था कि 'वह बुधवार को दरभंगा जाएंगे और सुबह लगभग 10:45 बजे करीब 12,100 करोड़ रुपये की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास करेंगे और कुछ को राष्ट्र को समर्पित करेंगे।' क्षेत्र के स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री दरभंगा में 1,260 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान की आधारशिला रखेंगे।

पीएमओ ने बयान में कहा कि इसमें एक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और एक आयुष ब्लॉक, एक मेडिकल कॉलेज, एक नर्सिंग कॉलेज, एक रैन बसेरा और आवासीय सुविधाएं भी होंगी। बयान के अनुसार यह दरभंगा के आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करेगा।

सड़क और रेल दोनों क्षेत्रों में बढ़ावा देने का प्लान

बयान में कहा गया कि मोदी की इस यात्रा में सड़क और रेल दोनों क्षेत्रों में नयी परियोजनाओं के माध्यम से संपर्क को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसमें कहा गया है कि प्रधानमंत्री बिहार में लगभग 5,070 करोड़ रुपये की कई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इसके मुताबिक वह राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच)-327ई के गलगलिया-अररिया खंड का उद्घाटन करेंगे। पीएमओ ने कहा कि यह गलियारा पूर्वी-पश्चिमी गलियारे (एनएच -27) पर अररिया से पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल के गलगलिया तक एक वैकल्पिक मार्ग प्रदान करेगा।

दो रेल ओवर ब्रिज (आरओबी) का भी उद्घाटन

मोदी राष्ट्रीय राजमार्ग-322 और राष्ट्रीय राजमार्ग-31 पर दो रेल ओवर ब्रिज (आरओबी) का भी उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा, प्रधानमंत्री बंधुगंज में एनएच -110 पर एक बड़े पुल का उद्घाटन करेंगे जो जहानाबाद को बिहारशरीफ से जोड़ेगा। प्रधानमंत्री आठ राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे जिनमें रामनगर से रोसड़ा तक, बिहार-पश्चिम बंगाल सीमा से राष्ट्रीय राजमार्ग-131ए के मनिहारी खंड तक, हाजीपुर से बछवाड़ा वाया महनार और मोहिउद्दीन नगर, सरवन-चकई खंड समेत कई अन्य परियोजनाएं शामिल हैं।

वह एनएच-327ई पर रानीगंज बाईपास, एनएच-333ए पर कटोरिया, लखपुरा, बांका और पंजवाड़ा बाईपास और एनएच-82 से एनएच-33 तक चार लेन की लिंक रोड की आधारशिला भी रखेंगे। प्रधानमंत्री 1,740 करोड़ रुपये से अधिक की रेलवे परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी करेंगे। वह औरंगाबाद जिले में चिरालापोथु से बाघा बिशुनपुर तक 220 करोड़ रुपये से अधिक की सोननगर बाईपास रेलवे लाइन की आधारशिला रखेंगे।

परियोजनाओं में रेलवे लाइन का दोहरीकरण शामिल

पीएमओ ने कहा कि वह 1,520 करोड़ रुपये से अधिक की रेल परियोजनाओं को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इनमें झंझारपुर-लौकहा बाजार रेल खंड का आमान परिवर्तन और रेलवे लाइन का दोहरीकरण शामिल हैं। प्रधानमंत्री झंझारपुर-लौकहा बाजार खंड पर ट्रेन सेवाओं को हरी झंडी भी दिखाएंगे। पीएमओ के अनुसार इस खंड में एमईएमयू ट्रेन सेवाओं की शुरूआत से आस-पास के कस्बों और शहरों में नौकरियों, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच बढ़ेगी। मोदी देश भर के विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर 18 प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र राष्ट्र को समर्पित करेंगे।

बयान में बताया गया है कि इससे रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों के लिए सस्ती दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। पीएमओ ने कहा, 'यह जेनेरिक दवाओं के बारे में जागरूकता और स्वीकृति को भी बढ़ावा देगा, जिससे स्वास्थ्य देखभाल पर समग्र खर्च कम होगा।' प्रधानमंत्री पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस क्षेत्र में 4,020 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न पहल की आधारशिला भी रखेंगे। घरों में पाइप से प्राकृतिक गैस (पीएनजी) पहुंचाने और वाणिज्यिक और औद्योगिक क्षेत्रों को स्वच्छ ऊर्जा के विकल्प प्रदान करने के दृष्टिकोण के अनुरूप, मोदी बिहार के पांच प्रमुख जिलों - दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, सीतामढ़ी और शिवहर में सिटी गैस वितरण (सीजीडी) नेटवर्क के विकास के लिए आधारशिला रखेंगे।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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