लगातार प्रयास कर रही है पुलिस प्रशासन
पंजाब में करीब 300 किलोमीटर की दूरी तक गुजरने वाले 600 किलोमीटर लंबे दिल्ली-कटरा हाईवे को लेकर बीते दिनों एक नया विवाद हाल ही मे सामने आया था। लुधियाना, गुरदासपुर और जालंधर में भूमि का कब्जा अभी भी लंबित है। 18 किलोमीटर हिस्से का भूमि का कब्जा अभी भी लंबित है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस एनएचएआई के साथ मिलकर दिल्ली-कटरा हाईवे के लिए भूमि का कब्जा लेने के लिए बार-बार प्रयास कर रहे हैं।
ठेकेदारों और इंजीनियरों के साथ हुई मारपीट
गडकरी ने अपने पत्र में उल्लेख किया था कि यदि कानून-व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो एनएचएआई पंजाब में 8 परियोजनाओं को रद्द कर देगा। पंजाब में दिल्ली-कटरा हाईवे परियोजना में बाधाएं आ रही हैं, क्योंकि किसान एनएचएआई को भूमि का कब्जा नहीं दे रहे हैं। परियोजना पर काम कर रहे ठेकेदारों और इंजीनियरों को धमकाया गया और उनके साथ मारपीट की गई।
सीएम भगवंत मान को चिट्ठी लिखकर चेताया
पंजाब में अगर कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो एनएचएआई के पास राज्य की आठ राजमार्ग परियोजनाओं को रद्द या बंद करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को लिखे पत्र में यह चेतावनी दी है। इस परियोजनाओं की कुल लंबाई 293 किलोमीटर है और लागत 14,288 करोड़ रुपये है।
गडकरी ने कहा था कि 'यदि स्थिति में सुधार नहीं होता है, तो एनएचएआई के पास 14,288 करोड़ रुपये की लागत और 293 किलोमीटर की कुल लंबाई वाली आठ अन्य गंभीर रूप से प्रभावित परियोजनाओं को रद्द/बंद करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा।'
