देश

PM Modi special selfie: जब प्रोटोकॉल तोड़कर दिव्यांग कार्यकर्ता से मिले PM मोदी, चर्चा में उनकी यह तस्वीर

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Apr 9, 2023, 06:57 AM IST

PM Modi Selfie: प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को चेन्नई दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने एक दिव्यांग भाजपा कार्यकर्ता के साथ सेल्फी साझा की है। उन्होंने बताया कि थिरू एस मणिकंदन अपनी कमाई का एक हिस्सा पार्टी को दान कर देते हैं।

Image

पीएम मोदी ने दिव्यांग भाजपा कार्यकर्ता के साथ ली सेल्फी (क्रेडिट- @narendramodi)

Photo : Twitter

PM Modi News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजनीति से इतर एक बेहद जमीनी इंसान हैं। वह अक्सर कुछ न कुछ ऐसा करते हैं, जो आम जनता के दिलों में अपनी छाप छोड़ देता है। पार्टी में एक आम कार्यकर्ता की अहमियत को वे अच्छी तरह जानते हैं, इसलिए उनका उत्साह बढ़ाने और उनके हकों के लिए वह हमेशा तैयार भी रहते हैं। यही कारण है कि भाजपा का एक-एक कार्यकर्ता अपने नेता के लिए कुछ भी करने को तैयार रहता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को चेन्नई में थे। इस दौरान भी उन्होंने कुछ ऐसा ही किया। पीएम मोदी ने चेन्नई में सारे प्रोटोकॉल तोड़कर एक दिव्यांग कार्यकर्ता के साथ सेल्फी ली। उन्होंने इस तस्वीर को खुद अपने ट्विटर हैंडल पर साझा किया है, जिसके बाद सोशल मीडिया पर पीएम की इस स्पेशल सेल्फी की खूब चर्चा हो रही है।

PM Modi selfie

PM Modi selfie

पीएम ने बताया खास सेल्फी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यकर्ता के साथ ली गई तस्वीर को अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर साझा किया है। उन्होंने लिखा है कि यह एक खास सेल्फी है। मैं चेन्नई में भाजपा तमिलनाडु के कार्यकर्ता थिरू एस मणिकंदन से मिला। वह कर्नाटक के इरोड के रहने वाले हैं और पार्टी में बूथ अध्यक्ष के रूप में काम करते हैं। पीएम ने आगे लिखा , वह दिव्यांग हैं , लेकिन अपनी एक दुकान चलाते हैं और सबसे प्रेरणादायक बात यह है कि वह अपनी दुकान से होने वाले मुनाफे का एक हिस्सा भाजपा को देते हैं।
Narendra Modi

Narendra Modi

ऐसे कार्यकर्ता होने पर गर्व

प्रधानमंत्री ने एक दूसरे ट्वीट में लिखा कि पार्टी में ऐसे कार्यकर्ता होने पर बहुत गर्व होता है। हमारे पास थिरू एस मणिकंदन जैसे लोग हैं। उनकी जीवन यात्रा प्रेरणा से भरी है, साथ ही हमारी पार्टी और विचारधारा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता भी समान रूप से प्रेरक है। उन्हें भविष्य के प्रयासों के लिए मेरी शुभकामनाएं।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

और पढ़ें
End of Article