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PM मोदी का बंगाल से विपक्ष पर बड़ा हमला, बोले- लेफ्ट और TMC ने खोदे गड्ढे, डबल इंजन सरकार भर रही

बंगाल के तारकेश्वर में भाजपा की सरकार आने के बाद हुए बदलावों पर चर्चा की। इस दौरान पीएम मोदी ने​​ राज्य के विकास को लेकर केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि बंगाल की हवा में एक नई ताजगी है,जैसे राज्य अब बेड़ियों से आजाद हो गया हो।

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पीएम मोदी।

Photo : Twitter

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दो दिवसीय पश्चिम बंगाल दौरे पर पहुंचे। यहां उन्होंने हुगली जिले के तारकेश्वर में आयोजित 'पश्चिमबंग दिवस' समारोह के दौरान विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। साथ ही किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त भी जारी की। इस दौरान पीएम मोदी ने राज्य में विकास, इतिहास और राजनीति से जुड़े कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि बंगाल की हवा में अब एक नई ताजगी है। ऐसा लग रहा है जैसे बंगाल अब बेड़ियों से आजाद हो गया है और उसके गौरव की वापसी शुरू हो गई है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि चुनाव और शपथ ग्रहण के बाद पहली बार उन्हें बंगाल की धरती पर आने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि पश्चिमबंग दिवस की यह ऐतिहासिक तारीख अब नए और गौरवशाली बंगाल के निर्माण की प्रेरणा बनेगी। उन्होने कहा कि भाजपा-एनडीए सरकार के नेतृत्व में राज्य में विकास के महाअभियान की शुरुआत हो चुकी है।

बंगाल में बिजली की रफ्तार से फैसले हो रहे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बंगाल में दशकों तक पहले लेफ्ट और फिर TMC ने जो गड्ढे बनाए, उन्हें भरने के लिए डबल इंजन सरकार ने सुपरफास्ट गति से काम करना शुरू कर दिया है। यहां बिजली की रफ्तार से फैसले हो रहे हैं। रुकी हुई योजनाओं पर काम आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में आज यहां सैकड़ों करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास हुआ है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि गुलामी के दौर में हमारे बंगाल ने क्या कुछ नहीं सहा, कितने बलिदान दिए, कितने त्याग सहे, 1946 में, कोलकाता में हुई हिंसा, कितने निर्दोष बंगाली लोग उसकी भेंट चढ़ गए। बंगाल ने रक्तपात सहा, अपनों को खोया, अपनी मातृभूमि के टुकड़े होते देखे लेकिन बंगाल ने अपनी अस्मिता, पहचान को नष्ट नहीं होने दिया। इसी का परिणाम था कि जब पूरे बंगाल को भारत से अलग करने की साजिश हो रही थी तब अलग पश्चिम बंगाल बनाकर उन मंसूबों को कामयाब नहीं होने दिया गया। पीएम मोदी ने कहा कि पश्चिम बंग दिवस के रूप में हम केवल एक तारीख को याद नहीं कर रहे, बल्कि पूरे इतिहास को याद कर रहे हैं।

बंगाल को पाकिस्तान का हिस्सा बनाने की हुई थी कोशिश

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में बंगाल के विभाजन के इतिहास का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी को पश्चिमबंग दिवस के महत्व और उस दौर के इतिहास से अवगत कराना जरूरी है। मोदी ने आरोप लगाया कि जब पूरे बंगाल को पाकिस्तान का हिस्सा बनाने की कोशिश हो रही थी, तब कांग्रेस ने षड्यंत्रकारियों के सामने घुटने टेक दिए थे। उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने इसका विरोध करते हुए बंगाली-हिंदू होमलैंड आंदोलन शुरू किया और पश्चिम बंगाल के अस्तित्व को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने आगे कहा कि आज की पीढ़ी को हमें बार-बार पश्चिमबंग दिवस की अहमियत बताने की जरूरत है।

पश्चिमबंग दिवस और इसकी भावना को भुलाने की हुई कोशिश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जिस भावना से पश्चिम बंगाल को बचाया गया था,आजादी के बाद उसी भावना पर इसे आगे बढ़ाने की जरूरत थी। लेकिन दुर्भाग्य से ठीक इससे उलट काम हुआ। पश्चिमबंग दिवस और इसकी भावना को भुलाने की कोशिश हुई। सियासी एजेंडों के कारण इतिहास का व्हाइटवॉश किया गया। विभाजन के समय जो कांग्रेस बंगाल को लावारिस छोड़ना चाहती थी, विभाजन के बाद उसने बचे हुए पश्चिम बंगाल में भी तुष्टिकरण के खेल खेलने शुरू किए। पश्चिम बंगाल के इतिहास को दबाया गया। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जनसंघ के संस्थापक बने,इसलिए उनके योगदान को नकारा गया।

योग दिवस पर भी बोले

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान योग दिवस पर भी बात की। उन्होंने कहा कि कल देश, दुनिया में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाना है। इस बार मैं बंगाल में ही योग दिवस का हिस्सा बनूंगा। स्वामी विवेकानंद और महर्षि अरविंद जैसे योगियों की भूमि से जो संदेश जाएगा उससे पूरे विश्व का मार्गदर्शन होगा। मैं चाहूंगा कि इस बार बंगाल के कोने-कोने में योग दिवस के आयोजन हो।

रविवार को प्रधानमंत्री कोलकाता के रेड रोड पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम का नेतृत्व करेंगे। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है। इस योग कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री कोलकाता में गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) द्वारा डिजाइन और निर्मित तीन स्वदेशी नौसैनिक जहाजों को भारतीय नौसेना में शामिल करेंगे। इसे रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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