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पीएम मोदी ने बताया अगले 5 साल का प्लान, बोले- भारत में ऊर्जा क्षेत्र में हैं अनेक संभावनाएं

India Energy Week 2025: पीएम मोदी ने कहा है कि अगले पांच वर्ष में भारत में ऊर्जा क्षेत्र में अनेक संभावनाएं हैं। उन्होंमंगलवार को भारत ऊर्जा सप्ताह 2025 का वर्चुअल उद्घाटन किया और संबोधित किया, जिसमें भारत के महत्वाकांक्षी ऊर्जा रोडमैप को रेखांकित किया और कहा कि अगले दो दशक देश के विकास के लिए महत्वपूर्ण होंगे।

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पीएम मोदी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को निवेशकों से भारत के ऊर्जा क्षेत्र में निवेश करने का आग्रह करते हुए कहा कि अगले पांच वर्ष में नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों के मद्देनजर देश में अनेक संभावनाएं हैं। प्रधानमंत्री ने 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा, 50 लाख हरित हाइड्रोजन उत्पादन के लक्ष्य के साथ-साथ तेल व गैस परिसंपत्तियों के लिए बोली के नए दौर की शुरुआत करने का उल्लेख करते हुए कहा, 'नए निवेश की संभावनाएं हैं और मुझे उम्मीद है कि आप भारत में सभी संभावनाओं का पता लगाएंगे।'

पीएम मोदी बोले- इन क्षेत्रों में निवेश की कई संभावनाएं हैं

मोदी ने भारत ऊर्जा सप्ताह 2025 (आईईडब्ल्यू 25) को ऑनलाइन संबोधित करते हुए कहा, 'इन क्षेत्रों में निवेश की कई संभावनाएं हैं।' प्रधानमंत्री ने निवेशकों से कहा, 'आप सिर्फ भारत ऊर्जा सप्ताह का हिस्सा नहीं हैं, आप भारत की ऊर्जा महत्वाकांक्षाओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।' उन्होंने कहा, 'सभी विशेषज्ञ कह रहे हैं कि 21वीं सदी भारत की सदी है। भारत न केवल अपनी वृद्धि को आगे बढ़ा रहा है, बल्कि वैश्विक वृद्धि को भी बल दे रहा है।'

'भारत की ऊर्जा महत्वाकांक्षाएं पांच स्तंभों पर आधारित'

मोदी ने कहा कि भारत की ऊर्जा महत्वाकांक्षाएं पांच स्तंभों पर आधारित हैं। उन्होंने कहा, 'हमारे पास संसाधन हैं जिनका हम उपयोग कर रहे हैं। हम अपने प्रतिभाशाली लोगों को नवाचार के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। तीसरा, हमारे पास आर्थिक ताकत और राजनीतिक स्थिरता है।' उन्होंने कहा कि भारत की भौगोलिक स्थिति रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है जो ऊर्जा व्यापार को आसान तथा अधिक आकर्षक बनाती है। इसके अलावा, भारत वैश्विक स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध है और यह भारत के ऊर्जा क्षेत्र में नई संभावनाओं को बढ़ावा दे रहा है।

'अगले पांच वर्षों में हम कई उपलब्धियां हासिल करेंगे'

प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के लिए अगले दो दशक बहुत महत्वपूर्ण हैं और अगले पांच वर्षों में हम कई उपलब्धियां हासिल करेंगे। उन्होंने कहा, 'हमारे ऊर्जा लक्ष्य 2030 की समय-सीमा के अनुरूप हैं।' मोदी ने कहा कि 2030 तक हम 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता जोड़ना चाहते हैं, भारतीय रेलवे 2030 तक शून्य उत्सर्जन स्तर पर पहुंच जाएगी और हमारा लक्ष्य 50 लाख टन हरित हाइड्रोजन हासिल करना है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि पिछले 10 वर्षों में भारत ने जो कुछ भी हासिल किया है, उससे पता चलता है कि ये लक्ष्य भी हासिल किए जाएंगे। मोदी ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में भारत 10वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। पिछले 10 वर्षों में सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता में 32 गुना वृद्धि हुई है। आज भारत तीसरा सबसे बड़ा सौर ऊर्जा उत्पादक देश है और गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता में तीन गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि भारत पेरिस वैश्विक जलवायु सम्मेलन द्वारा निर्धारित कार्बन उत्सर्जन कटौती लक्ष्य को पूरा करने वाला जी-20 सदस्य देशों में पहला देश है।

राष्ट्रीय राजधानी में उत्पादकों के साथ करेंगे बैठकें

भारत ऊर्जा सप्ताह 2025 के दौरान, ऊर्जा खरीदार राष्ट्रीय राजधानी में उत्पादकों के साथ बैठकें करेंगे। आईईडब्ल्यू मंत्रिस्तरीय तथा मुख्य कार्यपालक अधिकारियों (सीईओ) की भागीदारी, प्रदर्शनी स्थल व सत्रों की संख्या के मामले में विश्व स्तर पर दूसरा सबसे बड़ा ऊर्जा कार्यक्रम है। यह कार्यक्रम एक मॉडल के रूप में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के साथ भारत की सफलता को प्रदर्शित करता है। इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना, नीतिगत चर्चाओं को आगे बढ़ाना और दुनिया भर के मकानों के लिए स्वच्छ, सस्ती व सुलभ खाना पकाने की गैस सुनिश्चित करने के लिए प्रौद्योगिकी साझाकरण को सुविधाजनक बनाना है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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