प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में आयोजित एक कार्यशाला के दौरान सांसदों के अलग-अलग समूहों से मुलाकात की और उनसे सीधे संवाद किया। इस संवाद में उन्होंने सांसदों से फीडबैक लिया, उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें अपने संसदीय कार्य और जनसेवा को और प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
पीएम मोदी का सुझाव
प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान सांसदों को न केवल जनता से जुड़ने के नए तरीके सुझाए, बल्कि उन्हें नीतिगत निर्णयों, जनकल्याणकारी योजनाओं, और व्यवहारिक जिम्मेदारियों को लेकर भी जागरूक रहने का संदेश दिया।
"टिफिन बैठक" का सुझाव
प्रधानमंत्री ने सांसदों से कहा कि वे अपने संसदीय क्षेत्र की हर विधानसभा में महीने में एक बार "टिफिन बैठक" आयोजित करें। इसका उद्देश्य लोगों से सीधे जुड़ाव बनाना और उनकी समस्याओं को साधारण माहौल में सुनना और समझना है। उन्होंने कहा- "लोगों के बीच जाइए, उनके साथ बैठिए, टिफिन साझा कीजिए — तभी उनकी असली समस्याएं सामने आएंगी।"
संसदीय समिति की तैयारी गंभीरता से करें
पीएम मोदी ने सुझाव दिया कि सांसद संसदीय समिति की बैठकों से पहले और बाद में संबंधित मंत्री और अधिकारियों से मिलें ताकि विषय की बेहतर समझ और व्यापक दृष्टिकोण प्राप्त हो सके। इससे नीतिगत चर्चा अधिक प्रभावी होगी।
अधिकारियों से व्यवहार में मर्यादा
प्रधानमंत्री ने सांसदों को अधिकारियों के साथ सौम्य और मर्यादित व्यवहार रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सहयोगपूर्ण रवैया प्रशासनिक कार्यों को अधिक सुचारु बनाता है।
स्वच्छता अभियान को नई दिशा दें
उन्होंने सांसदों से स्वच्छता अभियान को अपने-अपने क्षेत्रों में और मजबूत करने को कहा। उन्होंने सिंगापुर का उदाहरण देते हुए कहा कि स्वच्छता से न केवल स्वास्थ्य सुधरता है, बल्कि देश की छवि भी बदलती है।
नवाचार की अपील
पीएम मोदी ने कहा- "कुछ नया सोचिए, कुछ नया करिए — तभी हम देश को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकेंगे।" उन्होंने सांसदों को इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स, नई पहल और तकनीकी प्रयोगों के लिए प्रेरित किया।
"सांसद खेल महोत्सव" में भागीदारी
उन्होंने सांसदों से खेल और युवाओं को बढ़ावा देने के लिए अपने क्षेत्र में सांसद खेल महोत्सव आयोजित करने और उसमें सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा।
किसान योजनाओं की निगरानी
पीएम मोदी ने विशेष रूप से कहा कि सांसद सुनिश्चित करें कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना और अन्य कृषि संबंधी योजनाएं उनके क्षेत्र में सही ढंग से लागू हो रही हैं या नहीं।
सरकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार
उन्होंने सांसदों से कहा कि वे यह देखें कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुंचे, और इन योजनाओं का प्रचार-प्रसार भी सक्रिय रूप से करें। प्रधानमंत्री मोदी का यह संवाद न केवल सांसदों को एक कार्यशैली में बदलाव लाने का आह्वान था, बल्कि यह एक सक्रिय, संवेदनशील और जवाबदेह जनप्रतिनिधि की परिकल्पना को भी रेखांकित करता है। उनके सुझावों में सीधी जनसंपर्क, पारदर्शिता, नवाचार और संवेदनशील प्रशासन की झलक दिखती है।
