बिजनेस

दूध-डिलीवरी से लेकर LPG-FD तक, 1 सितंबर से बदल गए ये नियम

1 सितंबर 2026 से रसोई गैस की कीमतों, डीमैट नॉमिनेशन, इंटरनेशनल फ्लाइट्स के इमिग्रेशन और दूध के दामों सहित कई प्रमुख नियमों में बदलाव हुआ है। जानिए इन 9 बड़े बदलावों का आपकी जेब और दैनिक जीवन पर क्या असर पड़ेगा।

Image

दूध-डिलीवरी से लेकर LPG-FD तक, 1 सितंबर से बदल गए ये नियम

सितंबर 2026 का महीना शुरू होते ही आम जनता, निवेशकों और करदाताओं के लिए कई महत्वपूर्ण नियमों में बड़ा बदलाव हो गया है। 1 सितंबर 2026 से रसोई गैस, हवाई यात्रा, बैंक एफडी, शेयर बाजार और रोजाना के सफर से जुड़ी कई नई गाइडलाइंस लागू हो गई हैं। ये बदलाव सीधे तौर पर आपकी जेब और वित्तीय प्रबंधन को प्रभावित करेंगे, इसलिए इन 9 मुख्य बदलावों के बारे में विस्तार से जानना बेहद जरूरी है।

1 सितंबर से हुए बड़े बदलाव

  • निवेशकों की बात करें तो 1 सितंबर से डीमैट खातों और म्यूचुअल फंड फोलियो के लिए नॉमिनेशन के नए दिशानिर्देश प्रभावी हो गए हैं। निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे अपने खातों में नॉमिनी की जानकारी या ऑप्ट-आउट फॉर्म समय रहते पूरा कर लें।
  • इसके अलावा, शेयर बाजार नियामक सेबी (SEBI) का नया ईटीएफ (ETF) फ्रेमवर्क 7 सितंबर से लागू होने जा रहा है, जिसमें प्राइस बैंड और क्लोज-आउट प्रोसेस में बदलाव शामिल हैं।
  • वहीं, आरबीआई (RBI) की FCNR(B) डिपॉजिट के लिए विशेष डॉलर-रुपया स्वैप विंडो 31 अगस्त को समाप्त हो गई है, जिससे अब इन एफडी पर बैंक अपनी सामान्य दरों के अनुसार ब्याज देंगे।
  • टैक्सपेयर्स और छोटी बचत योजनाओं के लिए भी सितंबर का महीना बहुत महत्वपूर्ण है। योग्य करदाताओं को अपनी कुल एडवांस टैक्स देनदारी का कम से कम 45 प्रतिशत हिस्सा 15 सितंबर 2026 तक जमा कराना अनिवार्य है।
  • वहीं 30 सितंबर को केंद्र सरकार आगामी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) के लिए पीपीएफ (PPF), सुकन्या समृद्धि योजना और एनएससी (NSC) जैसी स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की नई ब्याज दरों की घोषणा करेगी।
  • आम जनता की सुविधाओं और दैनिक जीवन पर नजर डालें तो अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट से यात्रा करने वालों को इमिग्रेशन काउंटर पर बोर्डिंग पास पर स्टैंप लगवाने की जरूरत खत्म कर दी गई है, अब यात्री ई-बोर्डिंग पास दिखा सकते हैं।
  • रसोई गैस के मोर्चे पर, 31 अगस्त तक एलपीजी बायोमेट्रिक ई-केवाईसी (e-KYC) न कराने वाले उपभोक्ताओं को 1 सितंबर से सिलेंडर बुकिंग या सब्सिडी पाने में कठिनाई हो सकती है।
  • आम यात्रियों और गृहिणियों के बजट पर महंगाई की मार पड़ी है। मुंबई में तबेला दूध के थोक दाम ₹9 प्रति लीटर बढ़कर ₹102 प्रति लीटर पहुंच गए हैं।इसके साथ ही मुंबई में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी के बेस फेयर में बढ़ोतरी लागू होने से रोजाना का सफर महंगा हो गया है। इन सभी नियमों का ध्यान रखकर आप किसी भी तरह की परेशानी या अतिरिक्त वित्तीय बोझ से बच सकते हैं।
Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

और पढ़ें
End of Article