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PM Modi Kerala Visit: युवाओं से बातचीत, पादरियों से मुलाकात और रोड-शो, बेहद खास है पीएम मोदी का यह दौरा

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Apr 24, 2023, 08:54 AM IST

PM Modi Kerala Visit: प्रधानमंत्री का यह दौरान भाजपा के लिए खास माना जा रहा है। पीएम यहां रोड-शो के जरिए अपनी ताकत तो दिखाएंगे ही साथ ही युवाओं और अल्पसंख्यक समाज को भी साधने की कोशिश करेंगे।

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पीएम मोदी

Photo : PTI

PM Modi Kerala Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से केरल के दो दिवसीय दौरे पर हैं। वह शाम करीब पांच बजे कोच्चि के नेवल बेस हवाई अड्डे पहुंचेंगे। इसके बाद वह रोड शो के जरिए विपक्ष को अपनी ताकत दिखाएंगे। पीएम मोदी के इस दौरे में युवाओं और ईसाई समाज के पादरियों से बातचीत तक शामिल है। इसके अलावा वह मंगलवार को तिरुवनंतपुरम सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी भी दिखाएंगे। पीएम मोदी का यह दौरान भाजपा के लिए बेहद खास होने वाला है। दरअसल, पार्टी यहां युवाओं और अल्पसंख्यकों को अपनी ओर खींचना चाहती है।

तय कार्यक्रम के अनुसार, कोच्चि नेवल बेस हवाई अड्डे पर उतरने के बाद शाम 5:30 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेवल बेस से सेक्रेड हार्ट्स कॉलेज ग्राउंड तक रोड शो करेंगे। इस दौरान वह करीब 1.5 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे। शाम छह बजे वह सेक्रेड हार्ट्स कॉलेज पहुंचेंगे और युवम-2023 कार्यक्रम के तहत युवाओं को संबोधित करेंगे। इसके बाद शाम सात बजे पीएम ताज गेटवे जाएंगे और 7:15 बजे नौ चयनित पादरियों से बातचीत करेंगे। बैठक शाम 7:45 बजे समाप्त होगी। अगले दिन मंगलवार सुबह प्रधानमंत्री तिरुवनंतपुरम के लिए रवाना होंगे।

संपर्क अभियान पर भाजपा की नजर

पीएम मोदी के इस दौरे को भाजपा एक बड़े मौके के रूप में देख रही है। दरअसल, भारतीय जनता पार्टी दक्षिणी राज्यों में पकड़ बनाने के लिए अभी भी संघर्ष कर रही है। ऐसे में भाजपा इस दौरे को केरल के युवाओं और अल्पसंख्यको को अपने पाले में लाने के लिए अपने संपर्क अभियान को आगे बढ़ाने के रूप में देख रही है। भाजपा को उम्मीद है कि युवम 2023 कार्यक्रम में हजारों युवा शामिल होंगे और यह पार्टी के लिए बड़ी रणनीति साबित होने वाला है।

यूं ही नहीं पादरियों से मुलाकात

प्रधानमंत्री की पादरियों से मुलाकात यूं ही नहीं है। भाजपा के रणनीतिकार केरल में ईसाई और मुस्लिम समुदाय के वोट बैंक को पहचानते हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री की पारदियों से यह मुलाकात भाजपा की स्नेह यात्रा के मद्देनजर होने जा रही है। बता दें, केरल में भाजपा नेताओं ने ईस्टर और ईद जैसे त्योहारों के बीच में ही ईसाई और मुस्लिम समुदाय के लोगों के घरों का दौरा किया है। इसके बाद अब प्रधानमंत्री उनसे मुलाकात करने जा रहे हैं।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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