प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नौसेना के जवानों के साथ दिवाली मनाने INS विक्रांत पहुंचे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोवा और कारवार के तट पर INS विक्रांत पर दिवाली मनाते हुए कहा, "मैं भाग्यशाली हूं कि इस बार मैं नौसेना के आप सभी बहादुर जवानों के बीच दिवाली का यह पावन त्योहार मना रहा हूं"।
सेना की पीएम मोदी ने की जमकर तारीफ
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय थल, जल और वायु सेना के असाधारण समन्वय ने पाकिस्तान को तेजी से आत्मसमर्पण करने पर मजबूर कर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा, “आईएनएस विक्रांत सिर्फ एक युद्धपोत नहीं, बल्कि यह 21वीं सदी के भारत की मेहनत, प्रतिभा, प्रभाव और प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प का भी एक जीवंत उदाहरण है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि तीनों सेनाओं के बीच असाधारण तालमेल के कारण ही ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान को जल्दी घुटने टेकने पड़े।
'माओवादी आतंकवाद का सफाया'
प्रधानमंत्री ने सशस्त्र बलों के साहस और दृढ़ निश्चय की सराहना करते हुए कहा कि यही कारण है कि देश ने माओवादी आतंकवाद के सफाए की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। अपने संबोधन में उन्होंने यह भी कहा कि भारत अब माओवादी हिंसा से मुक्ति की दहलीज पर खड़ा है। उन्होंने कहा, “वो आजादी अब हमारे दरवाजे पर दस्तक दे रही है।” प्रधानमंत्री ने बताया कि कभी देश के 125 ज़िले माओवादी आतंक से प्रभावित थे, लेकिन अब यह संख्या घटकर सिर्फ 11 जिलों तक सीमित रह गई है। उन्होंने भरोसा जताया कि, “हमने 90 प्रतिशत सफलता हासिल कर ली है और मुझे विश्वास है कि हमारे पुलिस बल इस चुनौती का पूर्णतः अंत कर देंगे।”
'बढ़ रहा है रक्षा निर्यात'
मोदी ने यह भी कहा कि सरकार का लक्ष्य भारत को दुनिया के शीर्ष रक्षा निर्यातक देशों में शामिल करना है। उन्होंने बताया कि 2014 से अब तक भारतीय शिपयार्ड्स द्वारा 40 से अधिक युद्धपोत और पनडुब्बियाँ तैयार की जा चुकी हैं। प्रधानमंत्री ने ब्रह्मोस मिसाइल का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके नाम से कई देशों में डर पैदा होता है और अब कई देश इन मिसाइलों को खरीदने के इच्छुक हैं। अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा, “आईएनएस विक्रांत पर बिताई गई पिछली रात को शब्दों में बयान करना मुश्किल है। मैंने आप सभी में जो ऊर्जा और उत्साह देखा, वह अविस्मरणीय है। जब मैंने आपको देशभक्ति के गीत गाते सुना, और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को आपके गीतों में जीवंत रूप में देखा, तो वह भावना शब्दों से परे थी — जैसे युद्ध के मैदान में खड़ा एक जवान खुद को महसूस करता है।” अंत में प्रधानमंत्री ने भावुक स्वर में कहा, “मेरे लिए यह दिवाली विशेष है, क्योंकि मैंने इसे आप सभी के साथ मनाया।”
