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Amarnath Yatra : भारी बारिश भी नहीं रोक सकी शिव भक्तों की यात्रा, गरजते-चमकते बादलों के बीच गूंजा बम-बम

Amarnath Yatra : अमरनाथ यात्रा पर निकले करीब 5,600 से अधिक तीर्थयात्रियों के जत्थे ने भारी बारिश के बीच अपनी यात्रा जारी रखी। अबतक 30,000 से अधिक श्रद्धालु शिवलिंग की पूजा-अर्चना कर चुके हैं।

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अमरनाथ यात्रा

Amarnath Yatra : भारी बारिश के बावजूद 5,600 से अधिक तीर्थयात्रियों का जत्था गुरुवार को अमरनाथ गुफा मंदिर के दो आधार शिविरों, बालटाल और पहलगाम की ओर जम्मू से रवाना हुआ। अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को 30,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने बर्फ के प्राकृतिक रूप से निर्मित शिवलिंग की पूजा-अर्चना की। अब तक एक लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा बफार्नी के दर्शन कर चुके हैं। अधिकारियों ने बताया कि तीर्थयात्रियों के सातवें जत्थे में 4,487 पुरुष, 1,011 महिलाएं, 10 बच्चे और 188 साधु एवं साध्वियां शामिल हैं जो केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के संरक्षण में 219 वाहनों में सवार होकर भगवती नगर आधार शिविर से तड़के तीन बजकर 13 मिनट पर निकले।

14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग से गए यात्री

उन्होंने बताया कि इनमें से 3,668 तीर्थयात्रियों ने पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे पहलगाम मार्ग को चुना जबकि 2,028 तीर्थयात्रियों ने छोटे लेकिन अधिक कठिन 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग को चुना। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 28 जून को यात्रा के लिए हरी झंडी दिखाई थी जिसके बाद से अब तक कुल 37,522 तीर्थयात्री यात्रा के लिए जम्मू आधार शिविर से रवाना हो चुके हैं।

यह 52 दिवसीय तीर्थयात्रा 29 जून को शुरू हुई और 19 अगस्त को समाप्त होगी। पिछले साल साढ़े चार लाख लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा में हिम शिवलिंग के दर्शन किए थे।

(इनपुट-भाषा)

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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