भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले एशिया कप टी20 क्रिकेट मैच को रद्द करने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। यह मैच 14 सितंबर को दुबई में खेला जाना है। चार लॉ स्टूडेंट्स की ओर से यह याचिका दाखिल की गई है, जिनका नेतृत्व उर्वशी जैन कर रही हैं।
इस याचिका को एडवोकेट स्नेजा रानी, एडवोकेट अभिषेक वर्मा और एडवोकेट अनस चौधरी ने तैयार किया है जबकि एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड अंसार अहमद चौधरी हैं। याचिका का डायरी नंबर 51856/2025 है और इसे तत्काल सुनवाई के लिए लगाने की मांग की गई है।
आतंकी हमले के बाद खेल पर सवाल
याचिका में कहा गया है कि पाहलगाम आतंकी हमले और हाल ही में हुई ऑपरेशन सिंदूर की घटनाओं में भारतीय नागरिकों और सैनिकों ने अपनी जान गंवाई। ऐसे समय में पाकिस्तान से क्रिकेट खेलना देश की गरिमा के खिलाफ है और यह शहीदों और उनके परिवारों की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है।
याचिका में कहा गया है कि क्रिकेट कभी भी राष्ट्रीय हित और देश की सुरक्षा से बड़ा नहीं हो सकता। इसलिए इस मैच को रद्द करने का आदेश दिया जाना चाहिए।
खेल कानून लागू करने की भी मांग
याचिकाकर्ताओं ने अपनी अर्जी में यह भी मांग की है कि सरकार जल्द से जल्द नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस एक्ट 2025 को लागू करे। उनका कहना है कि इस कानून से खेल संगठनों में पारदर्शिता और जवाबदेही आएगी। याचिकाकर्ताओं का यह भी तर्क है कि क्रिकेट के फैसले केवल व्यावसायिक हित में नहीं होने चाहिए। यह जरूरी है कि राष्ट्रीय भावनाओं और सुरक्षा को देखते हुए ऐसे मैचों पर रोक लगाई जाए।
सुप्रीम कोर्ट में जल्द सुनवाई संभव
सुप्रीम कोर्ट में यह मामला आने वाले दिनों में सूचीबद्ध हो सकता है। याचिकाकर्ताओं ने तत्काल सुनवाई की अपील की है क्योंकि एशिया कप का कार्यक्रम पहले ही तय है और 14 सितंबर को भारत और पाकिस्तान आमने सामने होने वाले हैं। अब यह देखना होगा कि देश की सर्वोच्च अदालत इस अहम मामले में क्या फैसला देती है।
