दिवाली के बाद आमतौर पर दिल्ली और एनसीआर का हवा जहरीली हो जाती है। जहरीली हवा से बचाव के लिए तरह तरह के उपायों के ऐलान भी किये जाते हैं। लेकिन दिवाली के ठीक बाद एक्यूआई खतरनाक स्तर पर रहता है। आमतौर पर एक्यूआई अगर 0-50 के बीच में हो तो बेहतर माना जाता है। लेकिन इस समय एक्यूआई स्तर 300 के पार है। इसका अर्थ यह है कि दिल्ली और एनसीआर में लोगों ने पटाखे जमकर फोड़े।इस बीच एक हालिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को कहा कि दिल्ली एशिया के 10 सबसे प्रदूषित शहरों में नहीं है। उन्होंने कहा कि कुछ साल पहले, दिल्ली को "दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में से एक माना जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है।
दिल्ली और एनसीआर की हवा हुई जहरीली
दिल्ली के सभी उप-क्षेत्रों में भी मंगलवार सुबह वायु गुणवत्ता 'बहुत खराब' दर्ज की गई। पूसा और मथुरा रोड में, एक्यूआई 322 था, जबकि दिल्ली विश्वविद्यालय ने 365 का एक्यूआई दर्ज किया था। हवाई अड्डे के क्षेत्र में, सूचकांक ने 354 को छुआ और आयानगर में इसे 306 पर मापा गया। हालांकि, लोधी रोड एक्यूआई में 'खराब' श्रेणी में जारी रहा।नोएडा में प्रदूषण का स्तर भी खराब हो गया और दिवाली के बाद एक्यूआई 342 था। लेकिन, गुरुग्राम की वायु गुणवत्ता अन्य स्थानों की तुलना में बेहतर थी क्योंकि यह एक्यूआई 245 पर 'खराब' श्रेणी में बनी रही।दिवाली के दिन दिल्ली की वायु गुणवत्ता में भारी गिरावट देखी गई। दिवाली की सुबह शहर में प्रदूषण का स्तर 276 के एक्यूआई के साथ खराब श्रेणी में था, लेकिन यह कुछ ही घंटों में बढ़ गया। सोमवार शाम तक, दोपहर में एक्यूआई बढ़कर 313 हो गया, जो इस साल पहली बार 'बहुत खराब' श्रेणी में आया। पटाखों के फोड़ने के साथ-साथ आस-पास के राज्यों में पराली जलाने से निकलने वाले उत्सर्जन से भी शहर में प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है।
सख्ती भी रही बेअसर !
प्रतिबंध और सख्त दंडात्मक कार्रवाई की घोषणा के बावजूद दिल्ली में दिवाली की पूरी रात बड़ी संख्या में तेज आवाज वाले पटाखों की गड़गड़ाहट हुई। शहर के कई हिस्सों में लोगों ने शाम होते ही पटाखे फोड़ना शुरू कर दिया और रात होते ही इसकी तीव्रता बढ़ गई। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने पिछले हफ्ते कहा था कि दिवाली पर राष्ट्रीय राजधानी में पटाखे फोड़ने पर छह महीने तक की जेल और 200 रुपये का जुर्माना लगेगा।
