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पटियाला रेलवे ट्रैक ब्लास्ट: रॉकेट लांचर-RDX और पाकिस्तान से लिंक; खालिस्तानी आतंकियों का था फुलप्रूफ प्लान, पर...

Patiala Railway Track Blast: पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई समर्थित खालिस्तान समर्थक आतंकी मॉड्यूल द्वारा एक मालगाड़ी कॉरिडोर की पटरी पर विस्फोट किया, जिसमें एक संदिग्ध की मौत भी हो गई। इस मामले में चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

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पटियाला रेलवे ट्रैक ब्लास्ट मामला।

Patiala Railway Track Blast: पंजाब के पटियाला जिले में शंभू इलाके के पास रेलवे माल ढुलाई कॉरिडोर की पटरी पर देर रात हुए विस्फोट से सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं। पुलिस का कहना है कि यह कोई सामान्य कम तीव्रता वाला धमाका नहीं था, बल्कि रेलवे ट्रैक को उड़ाने की सुनियोजित साजिश थी। इस घटना में मॉड्यूल का एक सदस्य मारा गया, जबकि चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले को देखते हुए कहा जा रहा है कि इसकी जांच एनआईए को सौंपी जा सकती है।

सूत्रों के हवाले से यह भी पता चला है कि राजपुरा रेलवे ट्रैक पर ब्लास्ट में मरने वाले जगरूप सिंह के घर से बड़ी रिकवरी हुई है। उसके घर से पुलिस को एक रॉकेट लांचर दो पिस्टल मैगजीन समेत और बड़ी मात्रा में आरडीएक्स बरामद हुआ है। पुलिस ने यह भी दावा किया है कि वह पाकिस्तान में ISI के संपर्क में था और हथियारों की खेप जगरूप ने ड्रोन रास्ते पाकिस्तान से मंगवाई थी।

पुलिस ने किया ये खुलासा

पुलिस ने बताया कि धमाका सोमवार रात बोथोनिया गांव के पास शंभू-अंबाला रेल लाइन पर हुआ। विस्फोट से पटरी को नुकसान पहुंचा और नीचे छोटा गड्ढा बन गया। शुरुआती जांच में इसे हल्का धमाका माना गया था, लेकिन बाद में स्पष्ट हुआ कि निशाना रेलवे ट्रैक था।

घटनास्थल से एक क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान तरनतारन जिले के पंजवार गांव निवासी जगरूप सिंह के रूप में हुई। पुलिस के मुताबिक, वह पटरी उड़ाने की कोशिश के दौरान खुद ही विस्फोट की चपेट में आ गया।

ऐसे पहुंचे आरोपियों तक

पटियाला के एसएसपी वरुण शर्मा ने बताया कि वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्य जुटाने के बाद जांच तेज कर दी गई है। मौके से एक सिम कार्ड भी मिला है, जिसकी मदद से आरोपियों तक पहुंचा गया।

इन चार लोगों की हुई गिरफ्तारी

डीआईजी कुलदीप चहल ने बताया कि इस मामले में प्रदीप सिंह खालसा, कुलविंदर सिंह, सतनाम सिंह और गुरप्रीत सिंह को गिरफ्तार किया गया है। प्रदीप खालसा को इस मॉड्यूल का मुख्य सरगना माना जा रहा है। पुलिस का दावा है कि उसके मलेशिया स्थित खालिस्तान समर्थक संचालकों से संपर्क थे और वह युवाओं को आतंकी प्रशिक्षण के लिए विदेश भेजता था। आरोपियों के कब्जे से एक हथगोला,दो पिस्तौल, गोला-बारूद, संचार उपकरण और लैपटॉप बरामद किए गए हैं।

पिछले तीन महीनों में दूसरी ऐसी घटना

पुलिस ने संकेत दिया है कि पिछले तीन महीनों में यह दूसरी ऐसी घटना है, इसलिए मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपी जा सकती है। इससे पहले जनवरी में फतेहगढ़ साहिब जिले के सरहिंद में रेल ट्रैक विस्फोट में इंजन क्षतिग्रस्त हुआ था और लोको पायलट घायल हुआ था।

Manoj Kumar
मनोज कुमार author

मनोज कुमार को टीवी पत्रकारिता में काम करने का 20 साल का अनुभव है. वर्तमान में वह Times Now नवभारत में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं. 2022 से चंडीगढ़ ब्यूरो हेड के तौर पर चंडीगढ़, हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश को कवर कर रहे हैं. उन्होंने पंजाब बाढ़ त्रासदी, ऑपरेशन सिंदूर जैसी बड़ी घटनाओं को ग्राउंड जीरो से कवर किया है. हिमाचल प्रदेश में संजौली मस्जिद कवरेज के लिए उन्हें ENBA अवॉर्ड मिल चुका है.

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