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संसद, साजिश और सूत्रधारः नौ माह पहले बजट सत्र में की गई थी रेकी, पढ़िए साजिश की पूरी इनसाइड स्टोरी

  • Compiled by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Dec 15, 2023, 07:16 AM IST

Parliament Security Breach Latest Update: संसद की सुरक्षा में सेंध लगाने से जुड़े मामले में मुख्य आरोपी ललित झा को 14 दिसंबर की शाम अरेस्ट किया गया। झा एक शख्स के साथ दिल्ली के कर्तव्यपथ पुलिस थाने पहुंचा था, जहां उसे विशेष प्रकोष्ठ को सौंप दिया गया।

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देश की संसद की सुरक्षा में हुई बड़ी चूक के बाद आसपास के इलाके में सिक्योरिटी टाइट कर दी गई है। (फाइल)

Photo : AP

Parliament Security Breach Latest Update: संसद की सुरक्षा में बड़ी सेंध से जुड़े मामले में कथित मास्टरमाइंड ललित झा सरेंडर कर चुका है। गुरुवार (14 दिसंबर, 2023) रात वह एक शख्स के साथ दिल्ली के कर्तव्यपथ पुलिस थाने आत्मसमर्पण करने पहुंचा था, जहां उसे स्पेशल सेल को सौंप दिया गया। वैसे, इस घटना को अंजाम देने के लिए लगभग साल भर पहले तैयारी की गई थी।

आरोपियों की ओर से नौ महीने पहले बजट सत्र के दौरान संसद की रेकी की गई थी। छह आरोपियों में शामिल डी मनोरंजन तब दिल्ली आया था और रेकी के दौरान उसने पाया था कि संसद (पुरानी) में जूतों की जांच-पड़ताल सही से नहीं की जाती है। ऐसे में उसने घटना को अंजाम देने के लिए कलर स्मोक कैन को मोजे में छिपाकर अंदर पहुंचाने का प्लान बनाया था। आइए, जानते हैं कि साजिश की पूरी इनसाइड स्टोरी क्या है:

छह में से चार मुख्य आरोपी कौन हैं?

सागर शर्माः यूपी के लखनऊ से। ई-रिक्शा चलाता था।

डी मनोरंजन: कर्नाटक के मैसूर का। बीई की पढ़ाई की है। परिवार के साथ खेती कर रहा था।

अमोल शिंदे: महाराष्ट्र के लातूर से। ग्रैजुएशन तक पढ़ा है। सरकारी नौकरी की तलाश में था।

नीलम - हरियाणा के जींद से हैं। 'नेट' पास करने के बाद सरकारी नौकरी की तैयारी कर रही थी।

Parliament Breach

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'भगत सिंह फैन क्लब' से निकला लिंक

संसद की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले सारे आरोपियों का लिंक भगत सिंह फैन क्लब नाम के सोशल मीडिया पेज से निकला है। समाचार एजेंसी एएनआई को इस बाबत पुलिस सूत्रों ने बताया कि वे सभी कर्नाटक के बेंगलुरू में लगभग डेढ़ साल पहले मिले थे। 10 दिसंबर, 2023 को एक-एक कर के ये सभी अलग-अलग सूबों से दिल्ली पहुंचे थे। ये इंडिया गेट के पास मिले थे, जहां इन्होंने आपस में रंगीन धुआं फैलाने वाले कैन बांटे थे। ऐसा बताया गया कि शर्मा लेफ्ट की विचारधारा से प्रभावित था। वह दो फेसबुक अकाउंट्स पर इसी से जुड़े (वामपंथी विचारधारा) पोस्ट करता था और उन्हें शेयर कर कमेंट भी करता था।
Parliament Breach

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...तो यह था असली इरादा?

गुरुवार को पुलिस ने बताया कि दो आरोपी 1929 के दौरान भारत में ब्रिटिश शासन के समय क्रांतिकारी भगत सिंह की ओर से ‘सेंट्रल असेंबली’ के अंदर बम फेंके जाने जैसी घटना को दोहराना चाहते थे। इस बाबत एक अधिकारी ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से एक पर्चा बरामद किया गया, जिसमें लिखा था, ‘‘प्रधानमंत्री लापता हैं और जो भी उन्हें ढूंढेगा उसे स्विस बैंक से पैसा मिलेगा।’’
Parliament Breach

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खास तौर पर डिजाइन किए गए थे जूते!

पुलिस सूत्रों ने कहा कि आरोपियों के जूते विशेष रूप से डिजाइन किए गए थे और धुएं के ‘कैन’ को छिपाने के लिए जगह बनाई गई थी। ये ‘कैन‘ सागर शर्मा ने लखनऊ से खरीदे थे। आरोपियों ने संसद में पर्चे फेंकने की योजना बनाई थी। उन्होंने तिरंगे भी खरीदे थे। आरोपियों के पास से कुछ और पर्चे बरामद किए गए, जिनमें युवाओं को सरकार के खिलाफ भड़काने वाले संदेश थे। एक सूत्र ने कहा, ‘‘ऐसे ही एक पर्चे पर लिखा था ‘देश के लिए जो नहीं खौला वो खून नहीं पानी है।’’
Parliament Breach 2

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वारदात के पहले और बाद झा ने क्या किया था, जानिए

सूत्रों की मानें तो झा ने अपने षडयंत्र को अंजाम देने से ठीक पहले चार अन्य आरोपियों के मोबाइल फोन ले लिए थे और फिर वह जल्दबाजी में भाग निकला था। झा ने कथित तौर पर संसद के बाहर अमोल और नीलम के विरोध प्रदर्शन को भी फिल्माया और इसे नीलक्खा आइच नाम के एक व्यक्ति के साथ साझा किया था, जो पश्चिम बंगाल में एक एनजीओ (सामोवादी सुभाष) से जुड़ा हुआ। चारों आरोपी संसद पहुंचने से पहले गुरुग्राम के सेक्टर सात में अपने सहयोगी विशाल उर्फ विक्की शर्मा के घर पर ठहरे थे। वे बुधवार सुबह आठ बजे घर से निकले थे। पुलिस ने विशाल को भी गुरुगाम से हिरासत में लिया था।
Security breach at Indian Parliament

Security breach at Indian Parliament

क्या हुआ संसद के अंदर और बाहर?

13 दिसंबर, 2023 को संसद की सुरक्षा में सेंधमारी की बड़ी घटना तब सामने आई थी जब संसद के निचले सदन लोकसभा की कार्यवाही के दौरान दर्शक दीर्घा से दो लोग सदन के भीतर कूद गए थे। उन्होंने इसके बाद कलर स्मोक कैन से वहां पीले रंग का धुआं फैला दिया था, जिससे अंदर अफरा-तफरी का माहौल पनप गया था। हालांकि, घटना के तत्काल बाद दोनों को पकड़ लिया गया था। ध्यान देने वाली बात है कि इस घटना के कुछ देर बाद ही पीले और लाल रंग का धुआं छोड़ने वाली 'कैन' लेकर संसद भवन के बाहर प्रदर्शन करने वाले एक पुरुष और एक महिला को भी गिरफ्तार किया गया था। (PTI, IANS और ANI इनपुट्स के साथ)
अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

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