Parliament Budget Session : बजट सत्र के दूसरे हिस्से में मंगलवार को लोकसभा में कई अहम चीजें होनी हैं। निम्न सदन में आधिकारिक दस्तावेज और समितियों की रिपोर्ट पेश की जाएगी। इसके अलावा कई अहम विधेयक भी प्रस्तुत होंगे। तो वहीं, पश्चिम एशिया के ताजा हालात पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्यसभा में जवाब देंगे। एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक लोकसभा में केंद्रीय मंत्री अपने विभागों संस्कृति, शिक्षा, वित्त, श्रम एवं रोजगार, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन एवं कॉरपोरेट मामलों से जुड़े आधिकारिक दस्तावेज सदन के पटल पर रखेंगे।
सोमवार को लोकसभा में पश्चिम एशिया के संघर्ष पर बोलते हुए पीएम ने कहा कि इस संघर्ष से पैदा हुए अप्रत्याशित संकट का प्रभाव लंबे समय तक रहने वाला है जिससे निपटने के लिए सरकार पूरी तरह तत्पर है। प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और इसके कारण भारत के सामने आई चुनौतियों पर लोकसभा में वक्तव्य देते हुए यह भी कहा कि इस संकट का प्रभाव लंबे समय तक रहने वाला है और इसका सामना देशवासियों को कोरोना संकट की तरह ही करना होगा।
बातचीत से ही संभव है समस्या का समाधान-पीएम
उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावट और व्यावसायिक जहाजों पर हमलों को अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि इस समस्या का समाधान कूटनीति और बातचीत से ही संभव है तथा भारत तनाव को कम करने व संघर्ष समाप्त करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है। उन्होंने अपने बयान में यह भी कहा कि पिछले एक दशक में ऊर्जा क्षेत्र में सरकार की तैयारियों के कारण आज हालात से निपटने में मदद मिल रही है। प्रधानमंत्री ने सरकार के प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा, 'सरकार संवेदनशील है, सतर्क है और हर सहायता के लिए तत्पर भी है।’
सरकार ने सभी एजेंसियों को सतर्क रखा
उन्होंने कहा कि कुछ तत्व ऐसे संकट में गलत फायदा उठाने का प्रयास करते हैं, इसलिए कानून व्यवस्था से जुड़ी सभी एजेंसियों को सतर्क रखा गया है। उन्होंने कहा, 'इस युद्ध के कारण दुनिया में बने हालात का प्रभाव लंबे समय तक रहने की आशंका है। इसलिए हमें तैयार रहना होगा, हमें एकजुट रहना होगा। हम कोरोना के समय भी एकजुटता से ऐसी चुनौतियों का सामना कर चुके हैं। अब हमें फिर से उसी तरह तैयार रहने की आवश्यकता है। धीरज, संयम और शांत मन से हर चुनौती का मुकाबला करना है।’मोदी ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से कच्चे तेल, गैस और उर्वरक से लदे जहाजों के आवागमन में चुनौती के बावजूद सरकार का प्रयास देश में पेट्रोल, डीजल और गैस की आपूर्ति बहुत अधिक प्रभावित नहीं होने देने का है। उन्होंने कहा कि देश में एलपीजी उत्पादन बढ़ाया जा रहा है और पेट्रोल-डीजल की लगातार सुचारू आपूर्ति पर काम किया गया है।
भारत के सामने अप्रत्याशित चुनौतियां-PM
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले तीन सप्ताह से अधिक समय से पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के हालात ने भारत के सामने अप्रत्याशित चुनौतियां खड़ी कर दी हैं जो आर्थिक सुरक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा और मानवीय सुरक्षा से जुड़ी हैं उन्होंने कहा, 'यह आवश्यक है कि भारत की संसद से इस संकट को लेकर एकमत और एकजुट आवाज में संदेश दुनिया में जाए।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि संकट की स्थिति बनने के बाद उन्होंने स्वयं पश्चिम एशिया के अधिकतर राष्ट्राध्यक्षों से दो बार फोन पर बात की है और उन सभी ने वहां भारतीयों की सुरक्षा का पूरा आश्वासन दिया है। मोदी ने कहा कि प्रभावित देशों में भारत के जितने भी मिशन हैं वे निरंतर भारतीयों की मदद में जुटे हैं, वहां काम करने वाले भारतीयों, पर्यटकों को हर संभव मदद दी जा रही है।
3 लाख 75 हजार भारतीय सुरक्षित देश लौटे
मोदी ने कहा, 'युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक लगभग 3 लाख 75 हजार भारतीय सुरक्षित देश लौट चुके हैं। ईरान से ही अभी तक लगभग एक हजार भारतीय सुरक्षित वापस आए हैं। इनमें मेडिकल की पढ़ाई करने वाले 700 से अधिक युवा हैं।’ उन्होंने कहा कि आज भारत के पास 53 लाख मीट्रिक टन से अधिक कच्चे तेल का रणनीतिक भंडार है, वहीं 65 लाख टन से अधिक भंडारण पर काम किया जा रहा है। मोदी ने कहा, 'सरकार का प्रयास यह है कि जहां से संभव हो, वहां से तेल और गैस की आपूर्ति होती रहे। हम अपने सभी वैश्विक सहयोगियों के साथ निरंतर संवाद कर रहे हैं ताकि हमारे समुद्री मार्ग सुरक्षित रहें।’
(एजेंसी इनपुट)
