भागलपुर: संसद परिसर में राम मंदिर के कथित चंदा गबन के मुद्दे पर किए गए सांकेतिक प्रदर्शन को लेकर बढ़ते विवाद के बीच पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने अपने खिलाफ दर्ज हो रही एफआईआर और भाजपा के विरोध पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं,बल्कि मंदिरों और सनातन से जुड़ी आस्था की रक्षा करना है। उन्होंने दो टूक कहा कि यदि इसके लिए गोली भी खानी पड़े तो वे पीछे नहीं हटेंगे।
भागलपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान पप्पू यादव ने कहा,"क्या सनातन और मंदिर के पैसे को लूटने वालों का पर्दाफाश करना गलत है? क्या मंदिरों की रक्षा करना गलत है? क्या मंदिर के चढ़ावे की सुरक्षा करना गलत है? क्या एक अरब से ज्यादा लोगों की आस्था की रक्षा करना गलत है?"
उन्होंने कहा कि विरोध कितना भी हो,वे अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। पप्पू यादव ने कहा,"चाहे जितना विरोध हो या गोली ही क्यों न खानी पड़े,हम लड़ाई जारी रखेंगे। भाजपा नेता जो कहना चाहते हैं,कहते रहें। इससे हमें कोई फर्क नहीं पड़ता।"
क्या है पूरा विवाद?
दरअसल, 31 जुलाई को संसद परिसर में विपक्षी सांसदों ने अयोध्या के राम मंदिर के कथित चंदा गबन के आरोपों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था। इस दौरान विपक्ष ने एक सांकेतिक नाटक के जरिए अपने आरोपों को पेश किया। इस ड्रामाई प्रदर्शन के दौरान पप्पू यादव भगवा वस्त्र पहनकर पुजारी की भूमिका में थे। उनके हाथ में भगवान श्रीराम की तस्वीर थी और उनके सामने एक दानपात्र (डोनेशन बॉक्स) रखा गया था। विपक्ष के अन्य सांसद श्रद्धालुओं की भूमिका निभाते हुए दानपात्र में चढ़ावा चढ़ाते दिखे। इसके बाद बतौर पुजारी वे दानपात्र में पैसे डालने के बजाय उन्हें अपनी जेब में रख लेते हैं। इस दौरान विपक्षी सांसदों ने 'चंदा चोर,गद्दी छोड़', 'जवाब तुमको देना होगा' और 'अमित शाह,सदन में आओ' जैसे नारे लगाए।
भाजपा ने बताया धार्मिक भावनाओं का अपमान
विपक्षी सांसदों के इस प्रदर्शन को लेकर भाजपा ने करारा तंज कसा था। साथ ही उन्होंने हिंदू आस्था और संत समाज का अपमान बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई। भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज समेत कई नेताओं और विधायकों ने दिल्ली में पुलिस से शिकायत कर विपक्षी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। भाजपा का आरोप है कि संसद परिसर में भगवा वेशभूषा और धार्मिक प्रतीकों का इस्तेमाल कर जिस तरह का प्रदर्शन किया गया,उससे करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।वाराणसी-दिल्ली में दर्ज हुई FIR
इस मामले में वाराणसी के कोतवाली थाने में एक संत की शिकायत पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी,समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद और पप्पू यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायत में धार्मिक भावनाएं आहत करने समेत विभिन्न आरोप लगाए गए हैं। इसके अलावा,सांसद बांसुरी स्वराज के नेतृत्व में बीजेपी के एक प्रतिनिधिमंडल ने सांसद पप्पू यादव और अन्य लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। वहीं, दिल्ली के जहांगीरपुरी थाने में भी याचिकाकर्ता सूर्य मैथिल ने पप्पू यादव के खिलाफ अलग से शिकायत दर्ज कराई है।
बजरंग दल ने भी किया प्रदर्शन
राम मंदिर चंदा चोरी को लेकर विरोध प्रदर्शन पर बजरंग दल ने भी विपक्षी सांसदों के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। संगठन ने इसे हिंदू धर्म और राम मंदिर का अपमान बताते हुए संबंधित नेताओं पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।
विपक्ष का क्या है पक्ष?
विपक्षी दलों का कहना है कि उनका प्रदर्शन किसी धर्म या भगवान श्रीराम के खिलाफ नहीं था। उनका दावा है कि इसके जरिए केवल राम मंदिर के कथित चंदा गबन के आरोपों को प्रतीकात्मक रूप से उठाया गया था। पप्पू यादव का भी कहना है कि उनका उद्देश्य मंदिरों की संपत्ति और श्रद्धालुओं की आस्था की रक्षा करना है, न कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना।
दिल्ली और वाराणसी में दर्ज शिकायतों के बाद यह मामला अब कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर तूल पकड़ चुका है। एक ओर भाजपा विपक्ष पर धार्मिक भावनाएं भड़काने का आरोप लगा रही है, वहीं विपक्ष इसे भ्रष्टाचार के मुद्दे को उठाने का लोकतांत्रिक तरीका बता रहा है।
