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Exclusive: ब्रिटेन में पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग्स क्या हैं और क्यों चुनावी मुद्दे बने हुए हैं?

ब्रिटेन में ग्रूमिंग गैंग्स का मुद्दा चुनावी बहस का बड़ा विषय बन गया है। इन गैंग्स में 100 फीसद तक पाकिस्तानी मूल के लोग होते हैं, इसलिए इन्हें पाकिस्तानी इस्लामिक ग्रूमिंग गैंग तक कहा जा रहा है। राजेश पवार ने हमारे शो Eye Opener में पाकिस्तान की कलई खोलकर रख दी कि कैसे अरब में भीख मांगने के कारण पाकिस्तानियों को वीजा तक नहीं मिलता।

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पाकिस्तानी की इंटरनेशनल बेइज्जती क्यों होती है?

Times Now Navbharat के शो Eye Opener के इस ऐपिसोड में राजपूताना राइफल्स के पूर्व सदस्य रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल राजेश पवार ने कई मुद्दों पर खुलकर बात की। उन्होंने यूक्रेन से ऑनलाइन हमसे बात की। यूक्रेन-रूस युद्ध से लेकर अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध तक कई मुद्दों पर खुलकर अपनी बात कही। उन्होंने यह भी बताया कि पाकिस्तान की आर्थिक और सैन्य स्थिति क्या है। उन्होंने ब्रिटेन में पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग्स पर चर्चा की, जो वहां राजनीतिक गलियारों में चुनावी मुद्दे बने हुए हैं। चलिए जानते हैं इस इंटरव्यू में राजेश पवार ने इन पाकिस्तान ग्रूमिंग गैंग्स पर क्या कुछ कहा -

राजेश पवार ने बताया कि ब्रिटेन में ‘ग्रूमिंग गैंग्स’ का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक बहस के केंद्र में आ गया है। इन गैंग्स से जुड़े 99 फीसद से ज्यादा आरोपियों की पृष्ठभूमि पाकिस्तानी मूल की होती है। यही कारण है कि ब्रिटेन में इन्हें 'पाकिस्तान ग्रूमिंग गैंग' और 'पाकिस्तानी मु्स्लिम ग्रूमिंग गैंग्स' कहा जाता है। ब्रिटेन में कुछ नेता और राजनीतिक पार्टियां इस मुद्दे को उठा रही हैं।

कट्टरवाद फैलाते हैं पाकिस्तानी

रिफॉर्म यूके जैसे राजनीतिक दल इस मुद्दे को जोर-शोर से उठा रहे हैं। उनका कहना है कि इन गैंग्स की जांच होनी चाहिए। पार्टी इस मुद्दे को सख्त आप्रवासन नियंत्रण और कठोर दंड नीति के समर्थन में इस्तेमाल कर रही हैं। उनका दावा है कि सरकार इस मुद्दे पर सख्ती नहीं दिखा रही है। राजेश पवार कहते हैं, पाकिस्तानी जहां भी जाते हैं कट्टरवाद फैलाते हैं।

अंतरराष्ट्रीय मदद पर निर्भर पाकिस्तान

इसी संदर्भ में वह आगे कहते हैं, पाकिस्तान की वैश्विक छवि और उसकी आंतरिक स्थिति बहुत खराब है। वह कहते हैं आर्थिक संकट, अंतरराष्ट्रीय सहायता के नाम पर मिलने वाली भीख पर निर्भरता और कट्टरवाद के कारण पाकिस्तान वैश्विक मंच पर बेनकाब हो चुका है। वह कहते हैं, पाकिस्तान एक परमाणु संपन्न देश है, लेकिन आर्थिक स्थिति ऐसी है कि IMF से बार-बार भीख मांगनी पड़ती है।

सऊदी में जाकर भीख मांगते हैं पाकिस्तानी

सऊदी में जाकर भीख मांगते हैं पाकिस्तानी

क्या परमाणु हथियार चला सकता है पाकिस्तान

पाकिस्तान के कई नेता कई बार बोल चुक हैं कि अगर भारत ने उन पर हमला किया तो वह परमाणु हथियार चला देंगे। इस पर राजेश पवार कहते हैं कि पाकिस्तान ऐसा कर ही नहीं सकता, क्योंकि उसके परमाणु शस्त्रागार पर अमेरिका का पूरी तरह से नियंत्रण है। उनका कहना है कि अमेरिका की भागीदारी के बिना पाकिस्तान परमाणु हथियारों का इस्तेमाल नहीं कर सकता। वह कहते हैं कि जो नेता ऐसी बातें करते हैं, वह पाकिस्तानी आवाम को बेवकूफ बनाने के लिए करते हैं। हालांकि, वह यह तो मानते हैं कि पाकिस्तन दुनिया की टॉप 10 सैन्य शक्तियों में से एक है। लेकिन साथ ही कहते हैं कि कंगाली के कारण वह ज्यादा दिन तक युद्ध कर ही नहीं सकते, क्योंकि हथियार बनाने के लिए भी पैसा चाहिए होता है। वह कहते हैं कि भारत चाहे तो वह रूस की तरह लंबा युद्ध लड़ सकता है, भारत में इतनी क्षमता है।

देखें पूरा इंटरव्यू

पाकिस्तानियों को सऊदी का वीजा क्यों नहीं मिलता

राजेश पवार ने बताया कि पाकिस्तान में ईरान, अफगानिस्तान और अरब देशों की तुलना में ज्यादा धार्मिक कट्टरता है। वह कहते हैं, जबकि दक्षिण एशिया के ज्यादातर मुस्लिम कन्वर्टेट हैं, वह कहते हैं कि ईरान और अरब देशों में तो इन लोगों को असली मुस्लिम तक नहीं माना जाता है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि सऊदी अरब ने पाकिस्तानियों को वीजा देने से मना कर दिया था, उनका कहना था कि आप यहां आओगे और फिर भीख मांगोगे। मिडिल ईस्ट में पाकिस्तानी की सबसे बड़ी संख्या भिखारियों के रूप में है।

Dr Rama Solanki
डॉ रमा सोलंकीauthor

डॉ. रमा सोलंकी टीवी और डिजिटल मीडिया में 17 वर्षों से अधिक अनुभव रखने वाली वरिष्ठ पत्रकार और मीडिया स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ महत्वपूर्ण भूमिकाओं में कार्य किया है। वह प्रभावशाली स्टोरीटेलिंग और डिजिटल इनोवेशन के संयोजन के लिए जानी जाती हैं। वह एक्सक्लूसिव इंटरव्यू, डॉक्यूमेंट्री और ऑडियंस-सेंट्रिक कंटेंट के निर्माण में विशेष दक्षता रखती हैं। डॉ. सोलंकी शासन, जवाबदेही और जनहित से जुड़े राजनीतिक व खोजी कार्यक्रमों के निर्माण और एंकरिंग के लिए भी पहचान रखती हैं। आध्यात्मिक कंटेंट प्रोडक्शन में विशेषज्ञता रखते हुए उन्होंने लोकप्रिय टीवी और डिजिटल सीरीज का निर्माण व निर्देशन किया है, जिन्हें दर्शकों से व्यापक सराहना मिली। डिजिटल मीडिया में पीएचडी धारक डॉ. रमा सोलंकी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कथाओं को आधुनिक प्रस्तुति और समकालीन संदर्भों से जोड़ने के लिए जानी जाती हैं।

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