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आखिर 30 साल बाद बेस्ट सेलर क्यों साबित हुई ये किताब, इसमें ऐसा क्या है खास?

किताब कैफे (Kitaab Cafe): यह उपन्यास 1995 में फ्रेंच भाषा में प्रकाशित हुआ था। बाद में इसका अंग्रेजी में अनुवाद हुआ, लेकिन लंबे समय तक यह सीमित पाठक वर्ग तक ही रहा।

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30 साल बाद बेस्टसेलर कैसे बनी ये किताब (Photo: instagram)

किताब कैफे (Kitaab Cafe): किसी किताब के लिए तीन दशक का इंतजार बहुत लंबा होता है। आम तौर पर कोई उपन्यास अपने समय में लोकप्रिय होता है और फिर धीरे-धीरे पाठकों की यादों से दूर चला जाता है। इसके उलट, बेल्जियम की लेखिका जैकलीन हार्पमैन का 1995 में प्रकाशित उपन्यास Who Have Never Known Men ने इतिहास रच दिया है। करीब 30 साल बाद यह किताब अचानक नई पीढ़ी के पाठकों के बीच पहुंच गई है।

यह एक डिस्टोपियन उपन्यास है। कहानी एक ऐसी दुनिया की है, जहां एक छोटी बच्ची 39 दूसरी महिलाओं के साथ जमीन के नीचे बने एक बंद ठिकाने में कैद है। वहां पहरा देने वाले पुरुष हैं, लेकिन किसी को यह नहीं पता कि उन्हें वहां क्यों रखा गया है। कहानी की सबसे छोटी कैदी को अपने उस जीवन के अलावा कुछ याद नहीं, जो उसने उस बंद जगह में बिताया है। यही रहस्य इस किताब को अलग बनाता है। पाठक धीरे-धीरे उस दुनिया को समझता है, जिस दुनिया को कहानी की नायिका खुद समझने की कोशिश कर रही है।

यह उपन्यास 1995 में फ्रेंच भाषा में प्रकाशित हुआ था। बाद में इसका अंग्रेजी में अनुवाद हुआ, लेकिन लंबे समय तक यह सीमित पाठक वर्ग तक ही रहा। फिर सोशल मीडिया के दौर में TikTok ने इसे दोबारा खोज लिया। टिकटॉक पर किताबों की सिफारिश करने वाले पाठकों ने इसकी चर्चा शुरू की और देखते ही देखते यह पुराना उपन्यास नई पीढी की पसंद बन गया।

अमेरिका में बिक्री ने तोड़ें पुराने रिकॉर्ड

इस लोकप्रियता का असर सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा। अमेरिका में पिछले साल इसकी करीब एक लाख प्रतियां बिकीं। ब्रिटेन में भी इसकी बिक्री में तेज उछाल आया। प्रकाशक को मांग पूरी करने के लिए लगातार नई प्रतियां निकालनी पडीं।

आखिर इस कहानी में ऐसा क्या है?

शायद इसका सबसे बड़ा कारण यही है कि किताब ऐसी दुनिया की कल्पना करती है, जहां इंसान से उसकी आजादी, स्मृति और परिचित सामाजिक ढांचा छीन लिया गया है। कहानी अकेलेपन, कैद, सत्ता, स्त्री होने और इंसान के अस्तित्व जैसे सवाल उठाती है। यही विषय आज की नई पीढ़ी को भी उतने ही बेचैन करते हैं, जितने कभी इस किताब के लिखे जाने के समय कर सकते थे। कुछ आलोचकों ने इसे नई पीढी के लिए The Handmaid's Tale जैसी डिस्टोपियन रचना के रूप में भी देखा है।

टिकटॉक ने किया कमाल

पहले कोई किताब आलोचक, अखबार, पुरस्कार या प्रकाशक चर्चा में लाते थे। अब एक पाठक का छोटा सा वीडियो भी किसी भूली हुई किताब को लाखों लोगों तक पहुंचा सकता है। TikTok ने इसी तरह कई पुरानी और कम चर्चित किताबों को नई जिंदगी दी है।

जैकलीन हार्पमैन की किताब इसका शानदार उदाहरण है। 1995 में निकली किताब के लिए 2026 में नया पाठक मिलना इस बात का संकेत भी है कि किताबें पुरानी हो सकती हैं, लेकिन अच्छी कहानियों की उम्र तय नहीं होती।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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