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'PDA में P का मतलब पंडित'; यूपी में ब्राह्मणों को लुभाने के लिए अखिलेश यादव का बड़ा दांव

2027 के विधानसभा चुनाव करीब आने के साथ ही उत्तर प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ रहा है। समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने विपक्ष के सदस्यों और ब्राह्मण समुदाय को निशाना बनाने के लिए BJP की आलोचना की।

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ब्राह्मणों को लुभाने के लिए अखिलेश यादव का बड़ा दांव (फाइल फोटो)

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहे हैं, राजनीतिक सरगर्मी बढ़ती जा रही है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को ब्राह्मण समुदाय तक अपनी पहुंच बढ़ाने की कोशिश के तहत कहा कि 'PDA' में पंडित भी शामिल हैं। साथ ही, उन्होंने उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार पर विपक्ष के कार्यकर्ताओं, ब्राह्मणों और शंकराचार्य समेत धार्मिक नेताओं को निशाना बनाने का आरोप भी लगाया।

दिवंगत समाजवादी नेता जनेश्वर मिश्र की जयंती पर SP के राज्य मुख्यालय में आयोजित ब्राह्मण सम्मेलन को संबोधित करते हुए यादव ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने गोमती नगर स्थित जनेश्वर मिश्र पार्क में कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं दी, जिसके कारण पार्टी को इसे अपने कार्यालय परिसर में आयोजित करना पड़ा।

'वे भूल गए हैं कि PDA में 'PD' का मतलब 'पंडित' भी होता है'

यादव ने कहा, 'लोग PDA के बारे में बातें करते रहते हैं और इसकी नई-नई परिभाषाएं गढ़ते रहते हैं। जब से वे PDA से हारे हैं, तब से वे इसे फिर से परिभाषित करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन वे भूल गए हैं कि PDA में 'PD' का मतलब 'पंडित' भी होता है। वे जितना ज़्यादा दर्द (पीड़ा) देंगे, PDA उतना ही मजबूत होगा।'

PDA शब्द यादव ने 2022 के विधानसभा चुनावों के दौरान गढ़ा था

PDA शब्द यादव ने 2022 के विधानसभा चुनावों के दौरान गढ़ा था, जो पिछड़ा (backwards), दलित और अल्पसंख्यक (minorities) का प्रतिनिधित्व करता है। समाजवादी आंदोलन में मिश्रा के योगदान को याद करते हुए, यादव ने उन्हें 'छोटे लोहिया' बताया और कहा कि लखनऊ में उनके नाम पर बना पार्क उनके कद को दर्शाता है। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने बीजेपी सरकार पर विपक्षी कार्यकर्ताओं को परेशान करने का आरोप भी लगाया और कहा कि एसपी सदस्यों से जुड़ी कई घटनाओं को दबा दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया, 'वे पहले से ही हमारे कार्यकर्ताओं और हमें निशाना बना रहे थे। अब उन्होंने ब्राह्मण समुदाय को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है। वे PDA के 'P' के पीछे भी पड़े हैं।'

'शंकराचार्य को विरोध प्रदर्शन करना पड़ा'

SP प्रमुख ने सरकार पर धार्मिक संस्थानों का अपमान करने का आरोप लगाया और कहा कि कुंभ मेले के दौरान एक शंकराचार्य को पवित्र स्नान करने से रोका गया। यादव ने दावा किया, 'अगर इतिहास में ऐसा कोई उदाहरण है जिसमें किसी सरकार ने शंकराचार्य को पवित्र स्नान करने से रोका हो, तो हमें दिखाएं। शंकराचार्य को विरोध प्रदर्शन करना पड़ा और पुलिस ने उनके शिष्यों के साथ बुरा बर्ताव किया। उन्हें डराने-धमकाने के लिए एक झूठा POCSO केस भी दर्ज किया गया, लेकिन वे झुके नहीं।'

यादव अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की बात कर रहे थे, जो प्रयागराज में माघ मेले के आयोजकों के साथ टकराव के कारण चर्चा में आए थे। उन्होंने आयोजकों पर आरोप लगाया था कि उन्होंने उन्हें मौनी अमावस्या पर स्नान करने से रोका था।

पहले प्रधानमंत्री रहे अटल बिहारी वाजपेयी की अनदेखी करने का भी आरोप

यादव ने बीजेपी पर पार्टी के पहले प्रधानमंत्री रहे अटल बिहारी वाजपेयी की अनदेखी करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने वाजपेयी की विरासत का सम्मान करने के लिए बहुत कम काम किया है। उन्होंने दावा किया, 'अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर बनी यूनिवर्सिटी में रेगुलर एकेडमिक गतिविधियां भी नहीं होती हैं, और बटेश्वर - वह गांव जिससे वाजपेयी का परिवार जुड़ा था - में हो रहे विकास कार्यों की क्वालिटी भी खराब है।'

'नौकरियां और रोजगार के मौके भी पैदा करेंगे'

युवाओं को संबोधित करते हुए यादव ने कहा, 'अगर आज नया भारत बन रहा है, तो जब समाजवादी सरकार सत्ता में आएगी, तो हम नया उत्तर प्रदेश बनाएंगे। हम न सिर्फ नया उत्तर प्रदेश बनाएंगे, बल्कि इतनी नौकरियां और रोजगार के मौके भी पैदा करेंगे कि किसी भी युवा को काम की तलाश में परेशान न होना पड़े।'

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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