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Operation Sindoor: 'चीन का दावा देश के सम्मान के खिलाफ, क्या पीएम मोदी...', सीजफायर पर ड्रैगन के दावे को लेकर फूटा ओवैसी का गुस्सा

Operation Sindoor: चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने मंगलवार को बीजिंग में आयोजित अंतरराष्ट्रीय हालात और चीन के विदेश संबंधों पर एक संगोष्ठी में कहा कि इस साल चीन ने कई संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय मुद्दों में मध्यस्थता की है। चीनी विदेश मंत्री के इस बयान पर देश में राजनीतिक हलचल तेज हो चुकी है।

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ऑपरेशन सिंदूर और सीजफायर को लेकर चीन के दावे पर ओवैसी ने दी प्रतिक्रिया।(फोटो सोर्स: ANI)

Photo : ANI

Operation Sindoor: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बाद अब चीन ने दावा है कि भारत-पाकिस्तान संघर्षविराम में उसने अहम भूमिका निभाई है। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने मंगलवार को बीजिंग में आयोजित अंतरराष्ट्रीय हालात और चीन के विदेश संबंधों पर एक संगोष्ठी में कहा कि इस साल चीन ने कई संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय मुद्दों में मध्यस्थता की है।

दावा देश के सम्मान के खिलाफ: ओवैसी

चीनी विदेश मंत्री के इस बयान पर देश में राजनीतिक हलचल तेज हो चुकी है। एआईएमआईएम (AIMIM) अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता के लिए चीन का दावा देश के सम्मान और संप्रभुता के खिलाफ है। उन्होंने केंद्र सरकार से इसे तत्काल और कड़ा जवाब देने का आग्रह किया।

ओवैसी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "यूएस राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शांति प्रयासों के बाद अब चीन के विदेश मंत्री की इसी तरह की दलीलें सामने आई हैं। यह भारत के लिए अपमानजनक है और सरकार को इसे स्पष्ट रूप से खारिज करना चाहिए।"

उन्होंने बताया कि चीन भारत और पाकिस्तान को समान स्तर पर दिखाकर खुद को दक्षिण एशिया में श्रेष्ठता का दर्जा दिलाने की कोशिश कर रहा है। ओवैसी ने सवाल उठाया कि क्या यही प्रधानमंत्री मोदी की चीन यात्रा के दौरान तय किया गया था।

चीन के विदेश मंत्री ने क्या-क्या कहा है?

चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने मंगलवार को कहा कि भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव "गर्म मुद्दों" में शामिल थे, जिनमें चीन ने मध्यस्थता की। उन्होंने दावा किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव को कम करने में भी चीन की भूमिका रही। वांग यी ने कहा कि मौजूदा समय द्वितीय विश्व युद्ध के बाद का सबसे अस्थिर दौर है, जहां स्थानीय युद्ध और सीमा पार संघर्ष बार-बार सामने आ रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि चीन स्थायी शांति के लिए केवल सतही समाधान नहीं, बल्कि समस्याओं की जड़ तक जाने की नीति अपनाता है। इसी सोच के तहत चीन ने कई जटिल मुद्दों में हस्तक्षेप किया।

भारत का क्या है जवाब?

हालांकि,भारत की ओर से लगातार कहा गया है कि 7-10 मई के संघर्ष के बाद दोनों देशों के DGMOs (Director Generals of Military Operations) के बीच सीधी बातचीत से ही समाधान हुआ था। भारत ने स्पष्ट किया है कि तीसरे पक्ष की कोई मध्यस्थता स्वीकार्य नहीं है।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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