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IndiGo Flights: इंडिगो की 180 से ज्यादा फ्लाइट कैंसिल, यह एयरपोर्ट सबसे ज्यादा प्रभावित, DGCA ने मांगी रिपोर्ट

भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनियों में से एक इंडिगो इन दिनों सबसे गंभीर परिचालन विफलताओं में से एक का सामना कर रही है। जिसकी वजह से कंपनी ने 180 से ज्यादा फ्लाइट कैंसिल कर दीं।

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इंडिगो की 100 से ज्यादा फ्लाइट कैंसिल (फाइल फोटो: PTI)

घरेलू विमानन कंपनी इंडिगो ने बृहस्पतिवार को तीन प्रमुख हवाई अड्डों से 180 से अधिक उड़ानें रद्द कर दीं।गुरुग्राम स्थित एयरलाइन, अपने पायलटों के लिए उड़ान-ड्यूटी और आराम अवधि के नए नियमों के मद्देनजर अपनी उड़ानों के संचालन के लिए जरूरी चालक दल सदस्यों की व्यवस्था करने को लेकर जूझ रही है।एक सूत्र ने कहा, 'इंडिगो ने बृहस्पतिवार को तीन हवाई अड्डों...मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु.... से 180 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दीं।' मुंबई हवाई अड्डे पर रद्द होने वाली उड़ानों की संख्या दिन भर में 86 (41 आगमन और 45 प्रस्थान) रही। वहीं बेंगलुरु में 41 आगमन उड़ानों सहित 73 उड़ानें रद्द की गईं।

इसके अलावा, बृहस्पतिवार के लिए दिल्ली हवाई अड्डे पर 33 उड़ानें रद्द की गईं।सूत्र ने कहा, ‘‘दिन चढ़ने के साथ रद्द होने वाली उड़ानों की संख्या और बढ़ने की आशंका है।’’एयरलाइन का ऑन-टाइम परफॉर्मेंस छह प्रमुख हवाई अड्डों... दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद... पर तीन दिसंबर को 19.7 प्रतिशत तक गिर गया, क्योंकि उसे अपनी सेवाओं के संचालन के लिए आवश्यक चालक दल जुटाने को लेकर जूझना पड़ रहा है। यह दो दिसंबर के आंकड़े से लगभग आधे से कम है। उस समय यह 35 प्रतिशत था।

एक सूत्र बताया, 'इंडिगो को एफडीटीएल (फ्लाइट ड्यूटी समय सीमा) मानदंडों के दूसरे चरण के कार्यान्वयन के बाद से चालक दल की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। इसके कारण सभी हवाई अड्डों पर उड़ानें रद्द हो रही हैं और परिचालन में भारी देरी हो रही है।' डीजीसीए पहले ही कह चुका है कि वह इंडिगो की उड़ानें प्रभावित होने की जांच कर रहा है और उसने एयरलाइन से मौजूदा स्थिति के कारणों के साथ-साथ उड़ान रद्द होने और देरी को कम करने की अपनी योजनाओं के बारे में भी बताने को कहा है।

उल्लेखनीय है कि पायलटों के संगठन फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स ने आरोप लगाया है कि इंडिगो को कॉकपिट चालक दल के लिए नई उड़ान ड्यूटी और विश्राम अवधि के मानदंडों के पूर्ण कार्यान्वयन से पहले, दो साल की तैयारी का समय मिलने के बावजूद, 'अस्पष्ट रूप से' 'भर्ती पर रोक' लगा दी गई। एफआईपी ने कहा कि उसने सुरक्षा नियामक डीजीसीए से आग्रह किया है कि वह एयरलाइन के मौसमी उड़ान कार्यक्रमों को तब तक मंजूरी न दे जब तक कि उनके पास नई उड़ान ड्यूटी समय सीमा मानदंडों के अनुसार अपनी सेवाओं को ‘सुरक्षित और भरोसेमंद’ रूप से संचालित करने के लिए पर्याप्त कर्मचारी न हों।

वहीं विमानन क्षेत्र के नियामक डीजीसीए ने कहा कि इंडिगो की उड़ानों में बड़े स्तर पर हो रही देरी और रद्दीकरण की जांच शुरू कर दी गई है।नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने एयरलाइन से मौजूदा स्थिति के कारणों और अगले दिनों में सेवाओं को सामान्य करने की उसकी योजना का विस्तृत ब्योरा भी पेश करने को कहा है।

डीजीसीए ने कहा, 'इंडिगो को डीजीसीए मुख्यालय में पेश होकर यह बताना होगा कि मौजूदा अव्यवस्था किस कारण हुई और इसे दूर करने के लिए क्या उपाय किए जा रहे हैं।' इंडिगो द्वारा हाल में उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर महीने में कुल 1,232 उड़ानें रद्द हुईं। इनमें से 755 उड़ानें चालक दल की उपलब्धता और एफडीटीएल नियमों का अनुपालन न हो पाने के कारण रद्द करनी पड़ीं।

atul. Singh
अतुल सिंहauthor

मैं अतुल सिंह,मैं 14 वर्षों से अधिक समय से टीवी पत्रकारिता में विभिन्न क्षेत्रों को खबरों को कवर करने वाला अनुभवी पत्रकार हूं। वर्तमान में Times Now नवभारत के लिए principal correspondent हूं। मैंने इंडिया टीवी, ज़ी न्यूज़,IBN 7 (न्यूज़ 18),Lemon न्यूज़ जैसे प्रमुख मीडिया संगठनों के साथ भी काम किया है। मनोरंजन,नागरिक मुद्दे ,इंफ्रा,राजनीति,आम और विधानसभा चुनाव और अपराध जैसे विषयों को बखूबी कवर किया है। वर्तमान में मुम्बई ब्यूरो से जुड़ा हुआ हूं। कई राष्ट्रीय मुद्दों से जुड़े कई विशेष खबरें भी कवर किया है।

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