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एंजेल चकमा की मौत से त्रिपुरा में आक्रोश, मंत्री संताना ने की कार्रवाई की मांग, युवाओं ने निकाला कैंडल मार्च

देहरादून में उत्तर-पूर्वी छात्रों पर हुए नस्लीय हमले और त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की हत्या ने पूरे देश में गहरा सदमा और आक्रोश पैदा कर दिया है। त्रिपुरा की मंत्री संताना चकमा ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, मुख्यमंत्री माणिक साहा भी लगातार मामले की निगरानी कर रहे हैं।

Angel Chakma News: देहरादून में उत्तर-पूर्वी भारत से आए छात्रों पर हुए नस्लीय हमले की घटना ने पूरे देश में हलचल मचा दी है। त्रिपुरा के रहने वाले 24 वर्षीय एमबीए छात्र एंजेल चकमा की हत्या के बाद त्रिपुरा की मंत्री संताना चकमा ने इस मामले में कड़े कदम उठाने की मांग की।

उन्होंने कहा, "त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा पहले ही इस घटना को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बात कर चुके हैं। इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें दो नाबालिग शामिल हैं। हमारे मुख्यमंत्री लगातार इस मामले की निगरानी कर रहे हैं और हम चाहते हैं कि जिसने इस सुंदर परिवार के साथ ऐसा क्रूर व्यवहार किया, उसे उचित सजा मिले।"

सीएम साहा ने सीएम धामी से की बातचीत

मंत्री संताना चकमा ने बताया कि मुख्यमंत्री साहा के अलावा वह स्वयं भी इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं ताकि न्याय सुनिश्चित किया जा सके। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि इस मामले की गहन जांच चल रही है। इस बीच, शनिवार को त्रिपुरा के मुख्यमंत्री ने छात्र की दुखद मौत को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बातचीत की थी।

9 दिसंबर को हुई थी घटना

बता दें कि, शनिवार को मुख्यमंत्री साहा ने एक्स पर लिखा कि, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बात हुई। हमारा छात्र एंजल चकमा, जो नंदानगर, देबराम ठाकुर पारा की रहने वाला था, के साथ हुई दुखद घटना के बारे में बात हुई। 9 दिसंबर को देहरादून में कुछ बदमाशों ने उस पर बुरी तरह हमला किया था जिसके बाद ग्राफिक एरा हॉस्पिटल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

कैंडल मार्च का आयोजन

मुख्यमंत्री साहा ने आगे लिखा कि, मुख्यमंत्री धामी ने मुझे बताया कि इस मामले में पांच आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया है। आगे की जांच चल रही है और उन्होंने भरोसा दिलाया है कि न्याय मिलेगा। इसके अलावा, एमबीए छात्र एंजल चकमा की मौत के बाद लोगों में गहरा आक्रोश देखा गया। त्रिपुरा के विभिन्न इलाकों में त्रिपुरा इंडिजिनस स्टूडेंट्स फेडरेशन (TISF), यूथ टिपरा फेडरेशन (YTF) और अन्य लोगों के नेतृत्व में कैंडल मार्च का आयोजन किया गया। इस दौरान लोग, “Justice for Late Angle Chakma” के पोस्टर हाथों में लिए नजर आए।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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