Kangana Ranaut on Isha Koppikar: बॉलीवुड एक्ट्रेस और सांसद कंगना रनौत इन दिनों अपने एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में एक्ट्रेस ईशा कोप्पिकर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने खुद को 'अंधभक्त' बताया था। ईशा कोप्पिकर के इस बयान पर अब कंगना रनौत ने एक्ट्रेस के ‘अंधभक्त’ वाले बयान पर उनका समर्थन किया है। कंगना ने ईशा का वीडियो शेयर करते हुए उनकी बात को सही तरीके से समझाने के लिए तारीफ की। (टाइम्स नाउ नवभारत पर इसे भी पढ़ें: Raaka: अल्लू अर्जुन से दो-दो हाथ करेंगे हॉलीवुड स्टार Will Smith? मेकर्स ने बड़ी प्लानिंग)
ईशा कोप्पिकर ने खुद को बताया ‘अंधभक्त’
ईशा कोप्पिकर ने अपने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया था। इसमें उन्होंने ‘अंधभक्त’ कहे जाने को लेकर अपनी बात रखी। ईशा ने कहा कि अगर अपने देश से प्यार करना, भारत पर विश्वास रखना और देश की तरक्की की इच्छा रखना ‘भक्ति’ है, तो उन्हें इस बात पर गर्व है। ईशा ने साफ किया कि उनकी यह ‘भक्ति’ किसी राजनीतिक पार्टी के लिए नहीं, बल्कि अपने देश भारत के लिए है। उन्होंने कहा कि वह सरकार से सवाल कर सकती हैं, नीतियों से असहमत हो सकती हैं लेकिन इसके बावजूद अपने देश से प्यार करना नहीं छोड़ेंगी।

Kangana Ranaut's Post
कंगना रनौत ने किया ईशा के बयान का समर्थन
ईशा के इसी वीडियो को कंगना रनौत ने सोशल मीडिया पर री-शेयर किया और लिखा, 'बहुत अच्छी तरह से समझाया है।' कंगना ने कहा कि स्कूल के दिनों में उन्होंने एक ऐसे शिक्षक के खिलाफ आवाज उठाई थी, जो असेंबली के दौरान बच्चों के सिर पर डंडे से मारते थे। उन्होंने 26/11 हमले और निर्भया कांड के खिलाफ भी विरोध जताने की बात कही। कंगना ने आगे कहा कि उन्होंने अपनी जिंदगी में आने वाली परेशानियों के लिए कभी अपने माता-पिता को जिम्मेदार नहीं ठहराया। उन्होंने अपने पूरे परिवार का जीवन बेहतर बनाने की कोशिश की। (टाइम्स नाउ नवभारत पर इसे भी पढ़ें: Toxic: 12,000 स्क्रीन्स पर रिलीज होगी Yash की फिल्म, 21 अगस्त से शुरू होगी एडवांस बुकिंग)
कंगना ने अपने पोस्ट में यह भी कहा कि वह जिन लोगों से मिलती हैं, उनके प्रति भी खुद को एक तरह से ‘भक्त’ मानती हैं। उन्होंने लिखा कि उन्हें अपने देश, अपने लोगों और अपनी जिंदगी से प्यार है। कंगना का यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आ गया है। वहीं ईशा को लेकर भी अब इंटरनेट पर ‘देशभक्ति’ और ‘अंधभक्ति’ को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
