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Onion Price: प्याज की माला पहनकर संसद पहुंचे MP, बढ़ती कीमत पर सरकार को घेरा, MSP की उठाई मांग

Onion Price Protest: संसद भवन में प्रदर्शन करने वालों में नेताओं में तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल, झारखंड मुक्ति मोर्चा और कुछ अन्य विपक्षी दलों के सांसद शामिल थे। इन्होंने संसद भवन के ‘मकर द्वार’ के निकट विरोध प्रदर्शन किया। सांसदों ने ‘किसान को एमएसपी दो’ और ‘किसानों से अन्याय बंद करो’ के नारे भी लगाए।

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प्याज की बढ़ती कीमत पर संसद में प्रदर्शन।

KEY HIGHLIGHTS
  • बाजार में प्याज की कीमत प्रतिकिलो 50 किलोग्राम पहुंच गई है
  • नए प्याज के बाजार में आने तक कीमतें ऊंची बनी रह सकती हैं
  • सासंदों ने प्याज की माला पहनी, सरकार से कीमत करने की मांग की

Onion Price Protest: देश भर में प्याज की कीमतों में उछाल आ गया है। कीमत पचास रुपए तक पहुंच गई है। आने वाले दिनों में इसके दाम में और वृद्धि हो सकती है। प्याज की कीमत में हो रही वृद्धि से आम आदमी तो परेशान ही है, अब यह मुद्दा संसद तक पहुंच गया है। विपक्षी दलों के सांसद गुरुवार को प्याज की माला पहनकर संसद परिसर पहुंचे और अधिक कीमत के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। सांसदों ने सरकार से प्याज की कीमत कम करने की मांग की। शिवसेना उद्धव गुट की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि सरकार किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी नहीं दे रही है लेकिन अपनी सरकार चलाने के लिए अपने गठबंधन के दो दलों को एमएसपी दे दिया।

गुजरात को निर्यात की इजाजत लेकिन महाराष्ट्र को नहीं-प्रियंका

शिवसेना सांसद ने कहा कि इस सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने की बात कही थी लेकिन वह उसे न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) भी नहीं दे रही है। प्रियंका ने सरकार पर किसानों के साथ सौतेला व्यवहार करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के किसान चाहते हैं कि वे अपनी प्याज का निर्यात कर सकें लेकिन प्याज का निर्यात करने पर सरकार ने रोक लगाई हुई है जबकि गुजरात के किसानों को प्याज का निर्यात करने की इजाजत है। सरकार महाराष्ट्र के किसानों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है।

..तो और बढ़ेंगे दाम

बाजार में प्याज के दाम बढ़ने का कारण किसानों के पास प्याज का स्टाक खत्म होना है। दीवाली तक यही स्थिति रहेगी। अगर नया प्याज बाजार में नहीं आया तो दाम 60 से 80 रुपए किलो तक भी पहुंच सकते हैं।

सांसदों ने नारे भी लगाए

तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल, झारखंड मुक्ति मोर्चा और कुछ अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने संसद भवन के ‘मकर द्वार’ के निकट विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने ‘किसान को एमएसपी दो’ और ‘किसानों से अन्याय बंद करो’ के नारे भी लगाए। तृणमूल सांसद प्रसून बनर्जी, झामुमो सांसद महुआ माझी और कई अन्य सांसदों ने प्याज की माला पहन रखी थी।

चालू वित्त वर्ष में 2.6 लाख टन प्याज का निर्यात

भारत ने चालू वित्त वर्ष में जुलाई तक 2.6 लाख टन प्याज का निर्यात किया है। खाद्य और उपभोक्ता मामलों के राज्यमंत्री बी एल वर्मा ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा, ‘सरकार ने चार मई, 2024 से प्याज पर प्रतिबंध हटा लिया है और 550 डॉलर प्रति टन के न्यूनतम निर्यात मूल्य (एमईपी) और 40 प्रतिशत निर्यात शुल्क के साथ निर्यात की अनुमति दी है।’ उन्होंने कहा, ‘31 जुलाई, 2024 तक, चालू वित्त वर्ष में कुल 2.60 लाख टन प्याज का निर्यात किया गया था।’भारत ने पिछले वित्त वर्ष में 16.07 लाख टन प्याज का निर्यात किया था।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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