Rajnath Singh in Rajya Sabha: राज्यसभा में मंगलवार को 'ऑपरेशन सिंदूर' पर बोलते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इस ऑपरेशन को केवल आज के संदर्भ में नहीं देखा जाना चाहिए बल्कि देश के भविष्य को आकार देने में इसकी अहमियत बहुत ज्यादा है। रक्षा मंत्री ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य आतंकवादियों के ठिकानों को बर्बाद करना और आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस है, यह स्पष्ट संदेश देना था।
...कहीं न कहीं उसके चरित्र को प्रभावित करता है-राजनाथ
रक्षा मंत्री ने कहा कि कोई भी व्यक्ति या राष्ट्र अपने चरित्र के अनुसार किसी भी मुद्दे पर प्रतिक्रिया देता है लेकिन उसकी जो प्रतिक्रिया होती है, वह भी आगे चलकर कहीं न कहीं उसके चरित्र को प्रभावित करता है। इसलिए कोई भी बड़ा कदम उठाते समय वर्तमान के साथ-साथ भविष्य की संभावनाओं का भी ध्यान रखना चाहिए।
रक्षा मंत्री ने तुलसी दास का जिक्र किया
रक्षा मंत्री ने आगे कहा-गोस्वामी तुलसी दास जी एक जगह कहते हैं, कि 'तुलसी मस्तक तब नवे, जब धनुष बाण लेउ हाथ..' अर्थात, हे प्रभु, आप कितने ही सुंदर, सलोने और सुशील हैं। बहुत अच्छी बात है। पर तुलसी का मस्तक आपके सामने तब नवेगा, जब आप धनुष बाण, अथवा शक्ति धारण करेंगे। समय का एक ऐसा दौर आया, जब हिंदुस्तानियों को कमजोर समझा जाने लगा लेकिन अब हम अपनी पहचान को पुनर्परिभाषित कर रहे हैं और ऑपरेशन सिंदूर उसी का एक उदाहरण है।
कम से कम 100 आतंकियों को मार गिराया-शाह
लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकारों और खास तौर पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सरकार को निशाने पर लिया। अमित शाह ने कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए लोकसभा में कहा, वे कल पूछ रहे थे कि पहलगाम के अपराधी कहां गए... आपके कार्यकाल के दौरान जो लोग छिपे हुए थे, उन्हें आज ढूंढ-ढूंढ कर मारा जा रहा है... हमारी सेना ने कम से कम 100 आतंकियों को मार गिराया है... 7 मई को हमारा काम 1.26 बजे पूरा हो गया।
