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दिल्ली में 'ऑपरेशन लोटस 2.0': AAP का बड़ा आरोप, 7 विधायकों से भाजपा ने किया था संपर्क

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jan 27, 2024, 12:11 PM IST

Operation Lotus in Delhi: दिल्ली सरकार की मंत्री आतिशी ने दावा किया है कि भाजपा ने दिल्ली में केजरीवाल सरकार को गिराने की तैयारी शुरू कर दी है। उन्होंने दावा किया है कि जल्द ही केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और इसके बाद आप विधायकों में फूट पड़ जाएगी।

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दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी का बड़ा आरोप

Photo : ANI

Operation Lotus 2.0 in Delhi: बिहार में मची सियासी उथल-पुथल के बीच आम आदमी पार्टी ने भाजपा पर बड़ा आरोप लगाया है। दिल्ली सरकार की मंत्री व आप नेता आतिशी ने दावा किया है कि भाजपा दिल्ली की केजरीवाल सरकार को गिराने में जुटी हुई है और यहां पर ऑपरेशन लोटस 2.0 शुरू कर दिया है। आतिशी ने दावा किया है कि भाजपा ने आम आदमी पार्टी के 7 विधायकों से संपर्क किया था।

आतिशी ने कहा, भारतीय जनता पार्टी आप की लोकतांत्रित तरीके से चुनी हुई सरकार को गिराने की कोशिश कर रही है। पिछले कुछ दिनों में आप के 7 विधायकों से भाजपा ने संपर्क किया है। उनसे कहा गया है कि हम अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार करने वाले हैं। उनकी गिरफ्तारी के बाद हम आम आदमी पार्टी को एक-एक करके तोड़ेंगे।

21 विधायकों के संपर्क में भाजपा

आतिशी ने कहा, जिन 7 विधायकों से संपर्क किया गया, उनसे कहा गया है कि आम आदमी पार्टी के कुल 21 विधायक हमारे संपर्क में हैं। इस दौरान भाजपा के लोगों ने आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने के लिए 25-25 करोड़ रुपये का ऑफर भी दिया है। उन्होंने कहा, इस तरह का ऑपरेशन लोटस भाजपा पहली बार नहीं कर रही है। भाजपा का यही तरीका है कि वे पैसे देकर, धमकाकर, डराकर चुनी हुई सरकारों को गिराने की कोशिश करती है। उन्होंने कहा, भाजपा को ऑपरेशन लोटस कई राज्यों में चला है, जिसमें महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, अरुणाचल प्रदेश और मध्य प्रदेश इसके उदाहरण हैं। दिल्ली में भी दो बार इस तरह का ऑपरेशन चलाया जा चुका है।

2013 में भी 28 विधायकों को खरीदने की हुई थी कोशिश

आतिशी ने कहा, 2013 में जब आम आदमी पार्टी के 28 विधायक चुनकर आए थे, तब भी भाजपा ने उन्हें खरीदने की कोशिश की थी। तब आम आदमी पार्टी ने स्टिंग करके भाजपा के उपाध्यक्ष शेर सिंह नागर की फुटेज देश के सामने रखी थी कि वे आप विधायकों को खरीदने की कोशिश कर रहे हैं। इसके बाद 2022 में दिल्ली के विधायकों को 20-20 करोड़ रुपये देकर खरीदने की कोशिश की गई।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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