Priyank Kharge : कर्नाटक में रियल एस्टेट कंपनी ‘कॉन्फिडेंट ग्रुप’ के संस्थापक और चेयरमैन सी.जे. रॉय की खुदकुशी पर मंत्री प्रियांक खरगे ने शनिवार को प्रतिक्रिया दी। मीडिया से बात करते हुए प्रियांक ने कहा कि 'यह कुछ और नहीं बल्कि आईटी एवं ईडी अधिकारियों की प्रताड़ना है। हमें सभी जानते हैं कि एसएमई, एमएसएमई, लोगों एवं उद्योगपतियों को प्रताड़ित करने के लिए आईटी, ईडी एवं जीएसटी का इस्तेमाल किया जा रहा है। जो लोग सरकार की बात नहीं सुन रहे उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। यह किसी राजनीतिक पार्टी का आरोप नहीं है बल्कि परिवार ऐसा कह रहे हैं। वहां आईटी का कौन अधिकारी मौजूद था, हम इसकी जांच करेंगे।'
आईटी ने रॉय के परिसरों पर छापे मारे थे
बता दें कि सी.जे. रॉय शुक्रवार को अपने कार्यालय में मृत मिले। पुलिस ने संदेह जताया है कि यह आत्महत्या का मामला हो सकता है। हालांकि, उसने कहा कि मौत के कारणों की सटीक जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मिल पाएगी। सूत्रों के मुताबिक गोली चलने की आवाज आने पर रिचमंड सर्कल के पास स्थित कार्यालय के कमरे में बाकी कर्मचारी पहुंचे जहां वह लाइसेंसी बंदूक से चली गोली से जख्मी मिले। रॉय को तुंरत अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।इससे पहले दिन में आयकर विभाग ने उनके परिसरों पर छापेमारी की थी।
टैक्स चोरी के आरोप के बाद अभियान
बताया जा रहा है कि डॉ. रॉय ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से कथित तौर पर खुद को गोली मारी। घटना के तुरंत बाद उन्हें एचएसआर लेआउट स्थित नारायणा अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। आयकर विभाग ने टैक्स चोरी के आरोपों के बाद उसी दिन डॉ. रॉय के कार्यालयों और आवासों पर व्यापक तलाशी अभियान चलाया था। पूछताछ सुबह करीब 10 बजे शुरू हुई थी। इस दौरान अधिकारियों ने उनसे कुछ दस्तावेज लाने को कहा। बताया जाता है कि दस्तावेज लेने के लिए वह पास के कमरे में गए, जहां उन्होंने खुद को गोली मार ली।
कौन थे डॉ. सीजे रॉय?
डॉ. सीजे रॉय बेंगलुरू स्थित एक बड़े समूह के प्रमुख थे और रियल एस्टेट सेक्टर में अपनी मजबूत मौजूदगी के लिए जाने जाते थे। उनका केरल, कर्नाटक और यहां तक कि खाड़ी देशों तक में बिजनेस फैला हुआ था। उन्होंने 2006 में कॉन्फिडेंट ग्रुप की स्थापना की और इसे एक बड़े कर्ज़-मुक्त कंपनी के रूप में विकसित किया, जिसके प्रोजेक्ट्स भारत और मध्य पूर्व में फैले हुए हैं। समूह के भारत और यूएई में 160 से अधिक प्रोजेक्ट्स हैं, जिसमें ज़ायन हिल्स गोल्फ काउंटी जैसे बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं, जिसकी कीमत लगभग 3,000 करोड़ रुपये है।
