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Odisha Ministers Portfolio: मोहन सरकार में मंत्रियों के विभागों का हो गया बंटवारा, जानें किसे क्या मिला

Mohan Majhi Sarkar Ministers Portfolio: ओडिशा सरकार के मंत्रियों के विभागों का बंटवारा हो गया है। शनिवार को ये जानकारी सामने आई कि मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के पास गृह, सामान्य प्रशासन और लोक शिकायत, सूचना और जनसंपर्क तथा जल संसाधन विभाग रहेंगे। जानें किस मंत्री को कौन सा विभाग मिला।

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मोहन माझी सरकार में किस मंत्री को क्या मिला।

Photo : Times Now Digital

Odisha Cabinet portfolio: ओडिशा की मोहन चरण माझी सरकार के मंत्रियों के विभागों का बंटवारा हो गया है। सभी मंत्रियों को उनके-उनके विभाग सौंप दिए गए हैं। खुद सीएम माझी ने गृह मंत्रालय समेत अहम विभाग अपने पास रखा है। बीते बुधवार को आदिवासी नेता एवं चार बार के विधायक मोहन चरण माझी ने ओडिशा के पहले भाजपा मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी।

ओडिशा सरकार में मंत्रियों के विभाग

ओडिशा सरकार के मंत्रियों के विभागों का बंटवारा हो गया है। शनिवार को ये जानकारी सामने आई कि मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के पास गृह, सामान्य प्रशासन और लोक शिकायत, सूचना और जनसंपर्क तथा जल संसाधन विभाग रहेंगे। जबकि उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह को कृषि और किसान सशक्तिकरण, ऊर्जा विभाग और उपमुख्यमंत्री प्रभाती परिदा को महिला एवं बाल विकास, मिशन शक्ति, पर्यटन विभाग मिले हैं।

देखें मंत्रियों के विभागों की पूरी सूची

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ओडिशा के मंत्रियों के विभाग

Majhi Cabinet 1

ओडिशा के मंत्रियों के विभाग

माझी बने ओडिशा के पहले भाजपाई सीएम

आदिवासी नेता एवं चार बार के विधायक मोहन चरण माझी ने बुधवार को यहां एक समारोह में ओडिशा के पहले भाजपा मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। शपथग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, कई केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री शामिल हुए। वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पटनागढ़ से विधायक केवी सिंह देव तथा निमापारा विधानसभा क्षेत्र से पहली बार विधायक बनीं प्रभाती परिदा ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

क्योंझर विधानसभा सीट से चुने गए विधायक

पिछली विधानसभा में भाजपा के मुख्य सचेतक रहे 52 वर्षीय माझी हाल में हुए विधानसभा चुनाव में चौथी बार विधानसभा के लिए चुने गए। उन्होंने क्योंझर विधानसभा क्षेत्र से जीत दर्ज की। वह संथाल समुदाय से संबंध रखते हैं। जनता मैदान में राज्यपाल रघुबर दास ने माझी और उनकी मंत्रिपरिषद के अन्य सदस्यों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। यह पहली बार है जब ओडिशा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनी है।

समारोह में कौन-कौन रहा मौजूद

भाजपा को पहली बार ओडिशा में स्पष्ट जनादेश मिला जिससे नवीन पटनायक के नेतृत्व वाले बीजू जनता दल (बीजद) का 24 साल पुराना शासन खत्म हो गया। समारोह में मोदी के अलावा भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह, भूपेन्द्र यादव, धर्मेंद्र प्रधान, जुएल उरांव, अश्विनी वैष्णव और अन्य शामिल हुए। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश, गोवा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, असम, गुजरात, छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड सहित भाजपा शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्री भी उपस्थित थे। समारोह में ओडिशा के निवर्तमान मुख्यमंत्री नवीन पटनायक भी शामिल हुए।

ओडिशा में कितने मंत्रियों ने ली शपथ?

मुख्यमंत्री माझी के नेतृत्व वाली 16 सदस्यीय मंत्रिपरिषद एक विविध समूह के रूप में नजर आई जिसमें माझी सहित चार आदिवासी, दो दलित और एक महिला शामिल हैं। माझी की मंत्रिपरिषद में दो उपमुख्यमंत्री, आठ कैबिनेट मंत्री और पांच राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) शामिल हैं। सुरेश पुजारी, रबिनारायण नाइक, नित्यानंद गोंड, कृष्ण चंद्र पात्र, पृथ्वीराज हरिचंदन, मुकेश महालिंग, बिभूति भूषण जेना और कृष्ण चंद्र महापात्र ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। गणेश राम सिंह खूंटिया, सूर्यबंशी सूरज, प्रदीप बालासनंता, गोकुला नंदा मल्लिक और संपद कुमार स्वैन ने राज्य मंत्री (स्वतंत्र) के रूप में शपथ ली।

विधानसभा के लिए चुने गए 78 भाजपा सदस्यों में से केवल पांच महिलाएं हैं। सूत्रों ने संकेत दिया कि नयागढ़ जिले के रणपुर से निर्वाचित सुरमा पाढ़ी के विधानसभा अध्यक्ष बनने की उम्मीद है। मंत्रिपरिषद में चार सदस्य ओडिशा के पश्चिमी क्षेत्र से, मुख्यमंत्री सहित तीन उत्तरी क्षेत्र से, चार तटीय क्षेत्र से, तीन दक्षिणी क्षेत्र से और एक मध्य ओडिशा से हैं।

राज्य की 147 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा 78 सीट हासिल करके सत्ता में आई, जबकि पटनायक के नेतृत्व वाली बीजद को 51, कांग्रेस को 14, माकपा को एक सीट मिली तथा तीन सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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