बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को एक बार फिर कहा कि वह प्रदेश की कमान आरजेडी के युवा नेता और राज्य के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को सौंप देंगे। इस पर तेजस्वी यादव ने कहा कि अभी हम नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में साथ काम कर रहे हैं। चुनौती 2024 का चुनाव है और हम उसके लिए लड़ेंगे। उधर बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव के लिए तेजस्वी यादव को नेतृत्व देने पर सीएम नीतीश कुमार ने मीडिया से कहा कि मैं यह बात शुरू से कह रहा हूं। (वह) अवश्य करेगा। सही समझे आप? आरजेडी के संस्थापक अध्यक्ष लालू प्रसाद के छोटे बेटे तेजस्वी ने 2020 के विधानसभा चुनावों में महागठबंधन का नेतृत्व किया था, जिसने प्रभावशाली प्रदर्शन किया था। उस चुनाव में एनडी को बड़ी मुश्किल से जीत मिली थी। उस वक्त नीतीश एनडीए में थे।
सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे भाकपा (माले) लिबरेशन के विधायक दल के नेता महबूब आलम ने कहा कि मुख्यमंत्री ने तेजस्वी जी की ओर इशारा करते हुए कहा कि वह भविष्य के नेता हैं, जिनके नेतृत्व में 2025 का विधानसभा चुनाव लड़ा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि हमारा विचार है कि इससे महागठबंधन को लाभ होगा, जो बीजेपी के प्रतिनिधित्व वाली सांप्रदायिक ताकतों से लड़ रहा है। तेजस्वी जी एक युवा और ऊर्जावान नेता हैं।
कुमार के विश्वस्त सहयोगी तथा राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री कुछ समय से कहते आ रहे हैं कि भविष्य तेजस्वी जी और उनके जैसे युवाओं का है। उन्होंने ऐसा कल नालंदा में भी कहा था, जहां मैं मौजूद था। उन्होंने आज फिर इसे दोहराया। कुमार ने कल अपने गृह जिले में एक डेंटल कॉलेज का उद्घाटन किया था और लोगों को संबोधित किया था तथा तेजस्वी यादव का समर्थन करने के बारे में बात की थी। चौधरी, मुख्यमंत्री के इसी भाषण का हवाला दे रहे थे। चौधरी ने कहा कि विधायकों की बैठक में कुमार ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि वह प्रधानमंत्री पद की दौड़ में नहीं हैं। लेकिन वह अब भी मानते हैं कि अगर विपक्ष एकजुट हुआ, तो 2024 में भारतीय जनता पार्टी को हराया जा सकता है और वह उस दिशा में काम करते रहेंगे।
