देश

दिल्ली-हरियाणा में AAP-CONG गठबंधन की आखिरी उम्मीद भी टूटी, जयराम रमेश बोले- 'कोई गुंजाइश नहीं'

Congress AAP Alliance: कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि दिल्ली, हरियाणा और पंजाब विधानसभा में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन की गुंजाइश नहीं है। हालांकि, झारखंड व महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव में गठबंधन बरकरार रहेगा।

Image

Congress vs AAP

Photo : Times Now Digital

Congress AAP Alliance: कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने गुरुवार को कहा कि दिल्ली और हरियाणा के विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी (आप) के साथ गठबंधन की कोई गुंजाइश नहीं है। हालांकि महाराष्ट्र एवं झारखंड के विधानसभा चुनावों में इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस (इंडिया) बरकरार रहेगा। रमेश ने कहा कि जिन राज्यों में कांग्रेस एवं सहयोगी दलों के नेता चाहेंगे वहां यह गठबंधन बरकरार रहेगा।

कांग्रेस और आम आदमी पार्टी दोनों इंडिया गठबंधन के घटक हैं। लोकसभा चुनाव में दोनों दलों ने दिल्ली एवं हरियाणा में मिलकर चुनाव लड़ा था, लेकिन पंजाब में दोनों अलग अलग मैदान में उतरे थे। महाराष्ट्र, झारखंड, हरियाणा में इसी साल अक्टूबर-नवंबर में विधानसभा चुनाव होने हैं। दिल्ली में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं।

आम आदमी पार्टी के साथ कोई गठबंधन नहीं

यह पूछे जाने पर कि क्या आगामी विधानसभा चुनावों में भी इंडिया गठबंधन बरकरार रहेगा, जयराम रमेश ने कहा, यह झारखंड के विधानसभा चुनाव के लिए बरकरार रहेगा। महाराष्ट् के विधानसभा चुनाव के लिए बरकरार रहेगा। पंजाब में इंडिया जनबंधन नहीं है। हरियाणा में (लोकसभा चुनाव में) एक सीट आम आदमी पार्टी को दी गई थी, मैं नहीं समझता कि वहां (विधानसभा चुनाव में) इंडिया जनबंधन बरकरार रहेगा। उनका कहना था कि दिल्ली में तो आम आदमी पार्टी की ओर से बयान आ गया है कि विधानसभा चुनाव के लिए इंडिया जनबंधन नहीं होगा।

हरियाणा-दिल्ली में कोई गुंजाइश नहीं

रमेश ने कहा, मैंने पश्चिम बंगाल के संदर्भ में कहा था कि इंडिया जनबंधन लोकसभा चुनाव के लिए है। जिन जिन राज्यों में हमारे नेता और दूसरी पार्टियों के नेता चाहते हैं कि गठबंधन हो, वहां गठबंधन रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपर) के साथ गठबंधन है तथा झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के साथ गठबंधन है। यह पूछे जाने पर कि क्या दिल्ली और हरियाणा में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच गठबंधन होगा तो रमेश का कहना था, कोई गुंजाइश नहीं है।

(एजेंसी-भाषा)

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

और पढ़ें
End of Article