Petrol Diesel Price Hike: पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण की वोटिंग के बीच सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है। इस पोस्ट में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी को लेकर एक कथित सरकारी आदेश की एक तस्वीर दिखाई दे रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि पेट्रोल 10 रुपये और डीजल 12.50 रुपये महंगा हुआ है। सोशल मीडिया में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी वाला दावा फर्जी है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया है।
PIB ने की वायरल पोस्ट की पड़ताल
प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कथित सरकारी आदेश वाले पोस्ट की पड़ताल की। पड़ताल में पेट्रोल-डीजल की बढ़ोतरी वाला दावा फर्जी पाया गया। पीआईबी ने स्पष्ट किया कि पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। वायरल दस्तावेज फर्जी है।
इस दौरान, पीआईबी ने लोगों से अपील की कि ऐसी खबरों पर भरोसा करने से पहले केवल आधिकारिक सरकारी स्रोतों से सत्यापन करें। साथ ही, संदिग्ध कंटेंट को पीआईबी फैक्ट चेक (PIB Fact Check) के वॉट्सएप और ईमेल पर रिपोर्ट करने को कहा।
पीआईबी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा, '' यह आदेश फर्जी है। सरकार ने ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया। ऐसी किसी भी सूचना की पुष्टि हमेशा सरकारी आधिकारिक स्रोतों से ही करें। भ्रामक सूचनाओं को फैलने से रोकने में मदद करें। संदिग्ध सामग्री को @PIBFactCheck पर रिपोर्ट करें।''

भ्रामक सूचना हो रही वायरल
TMC नेता ने भी शेयर किया भ्रामक पोस्ट
पीआईबी ने जिस दावे को पड़ताल में फर्जी पाया, उस कथित सरकारी आदेश की फर्जी कॉपी को अन्य सोशल मीडिया यूजर्स के साथ-साथ तृणमूल कांग्रेस के एक नेता ने भी साझा किया। टीएमसी नेता निलंजन दास ने कथित सरकारी आदेश की कॉपी शेयर करते हुए मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वोटिंग अभी भी जारी है और जन-विरोधी मोदी सरकार ने बेशर्मी से पेट्रोल की कीमत 10 और डीज़ल की कीमत 12.50 बढ़ा दी है।
