US Tariff Update : केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के मुद्दे पर अमेरिका के साथ बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि भारत और अमेरिका एक समतापूर्ण, संतुलित और निष्पक्ष समझौते पर पहुंचेंगे।
उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि घबराने की कोई ज़रूरत है। हमें बातचीत होने देनी चाहिए। अमेरिका के साथ हमारे अच्छे संबंध बने हुए हैं और मुझे पूरा विश्वास है कि हम इनमें से कुछ मुद्दों को सुलझाने में सफल होंगे और एक समतापूर्ण, संतुलित और निष्पक्ष समझौते पर पहुंचेंगे।'
'बातचीत में कभी कोई समय-सीमा नहीं होती'
जब उनसे वार्ता की समय-सीमा के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'बातचीत में कभी कोई समय-सीमा नहीं होती। आपको इसे धैर्यपूर्वक करना चाहिए, क्योंकि आप इसे दीर्घकालिक दृष्टि से कर रहे हैं।'
भारतीय सामानों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका को निर्यात किए जाने वाले भारतीय सामानों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया है। शुरुआत में ट्रंप ने भारतीय सामानों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की थी, जबकि बाद में उन्होंने भारत द्वारा रूसी तेल के निरंतर आयात का हवाला देते हुए 25 प्रतिशत का और टैरिफ लगा दिया, जिससे कुल टैरिफ 50 प्रतिशत हो गया। द्वितीयक टैरिफ 27 अगस्त से लागू हुआ।
'दोनों 'संयोग' से एक साथ हो गए'
उच्च शुल्क उन सभी भारतीय उत्पादों पर लागू होते हैं जिन्हें या तो अमेरिका में उपभोग के लिए लाया जाता है या उपभोग के लिए गोदामों से वापस ले लिया जाता है।जबकि वस्तु एवं सेवा कर (GST) सुधारों की घोषणा अमेरिकी टैरिफ के कार्यान्वयन के बीच की गई थी, पीयूष गोयल ने कहा कि कर सुधारों पर काम महीनों से चल रहा था, और दोनों 'संयोग' से एक साथ हो गए।
'ऐसे सुधार रातोंरात नहीं हो सकते'
उन्होंने कहा, 'ऐसे सुधार रातोंरात नहीं हो सकते, इस पर पिछले कुछ महीनों से काम चल रहा है। वित्त मंत्री, सचिवों और मंत्रियों का एक समूह इस पर काम कर रहा है। यह संयोग की बात है कि दोनों एक साथ हो गए।'
5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत की दो स्लैब में तर्कसंगत बनाने का निर्णय
जीएसटी परिषद की 56वीं बैठक में 12 प्रतिशत और 28 प्रतिशत की दरों को मिलाकर जीएसटी दरों को 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत की दो स्लैब में तर्कसंगत बनाने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही जीएसटी परिषद ने कोयला, फलों के पेय या फलों के रस के साथ कार्बोनेटेड पेय, मध्यम आकार और बड़ी कारों पर मुआवजा उपकर ( Compensation Cess) समाप्त करने का फैसला किया है।
