देश

'पूर्ण एकाधिकार का जमाना बीत गया, ताकत अब देशों में बिखर गई है', रायसीना डॉयलॉग में विदेशमंत्री जयशंकर बोले

रायसीना डॉयलॉग 2026 को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री ने बीते सात दशकों में दुनिया में उभरकर सामने आए नए वैश्विक प्रशासन पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, 'जब हम इन 70 वर्षों को देखते हैं तो हम एक सोच पाते हैं जो 1945 अथवा 1989 की स्थिति को हमेशा के लिए बनाकर रखने पर जोर देती थी, यह एक अवास्तविक सोच थी।'

Image

भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर।

Photo : PTI

S Jaishankar: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि '20वीं सदी के मध्य से दुनिया में एक तय वैश्विक व्यवस्था बनाए रखने की उम्मीद अवास्तविक थी क्योंकि अब तक ताकत अलग-अलग क्षेत्रों में बिखर गई है।' गुरुवार को रायसीना डॉयलॉग 2026 को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री ने बीते सात दशकों में दुनिया में उभरकर सामने आए नए वैश्विक प्रशासन पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, 'जब हम इन 70 वर्षों को देखते हैं तो हम एक सोच पाते हैं जो 1945 अथवा 1989 की स्थिति को हमेशा के लिए बनाकर रखने पर जोर देती थी, यह एक अवास्तविक सोच थी।'

विदेश मंत्री ने पूछा-पुरानी व्यवस्था आगे चल क्यों नहीं पाई

उन्होंने कहा, 'इन 70 वर्षों के बारे में हम जिक्र करते हैं, हमने क्या किया? यह व्यवस्था आगे चल क्यों नहीं पाई। 70 वर्ष भारत के इतिहास का महज 1 प्रतिशत है तो भारतीय इतिहास का 1 प्रतिशत क्यों कायम रह गया? जिंदगी ऐसे ही आगे बढ़ती है।' विदेश मंत्री ने कहा कि ऐतिहासिक ढांचे पर केंद्रित रहने वाला अंतरराष्ट्रीय समुदाय वैश्विक बदलाव लाने वाले कारकों को पहचानने में असफल हो गया।

इस दशक में होंगे दो बड़े बदलाव-जयशंकर

विदेश मंत्री ने आगे कहा कि 'मुझे लगता है कि अतीत के प्रति लगाव ने वैश्विक बदलाव लाने वाले कारकों को नहीं पहचानने दिया। इस दशक में यदि दो बड़े बदलाव होने जा रहे हैं तो इनमें से एक तकनीक और दूसरी आबादी है।' ताकत के बदलते वैश्विक परिदृश्य के बारे में जयशंकर ने कहा कि भू-राजनीति के ज्यादातर एक्सपर्ट्स अमेरिका को लेकर अधिक केंद्रित रहते हैं लेकिन वास्तविकता है कि हम एक बंटी ताकत वाली दुनिया की तरफ बढ़ रहे हैं। जयशंकर ने कहा कि आने वाला समय ज्यादा बहु-ध्रुवीय होगा। किसी एक देश के पास हर एक क्षेत्र की ताकत नहीं होगी। किसी एक देश का प्रभुत्व नहीं होगा।

भू-राजनीति एवं भू-अर्थशास्त्र पर रायसीना डॉयलॉग भारत का विचारों का सबसे बड़ा मंच है। हर साल आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में दुनिया भर की जानी-मानी दिग्गज हस्तियां जुटती हैं और वैश्विक एवं ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा करती हैं। इस बार फिनलैंड के राष्ट्रपति एलेक्जेंडर स्टब कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हैं।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

और पढ़ें
End of Article