Nitish Kumar Rajya Sabha: बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) प्रमुख नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद पार्टी के भीतर बेचैनी और असंतोष के स्वर उभरने लगे हैं। कई कार्यकर्ताओं ने उनसे अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने की अपील की है। कार्यकर्ता हाथ में तख्ती लेकर नीतीश कुमार से अपने फैसले पर दोबारा विचार करने की अपील कर रहे हैं। एक कार्यकर्ता ने कहा, 'मुझे किसी साजिश की जानकारी नहीं है जिसकी वजह से इतना बड़ा फैसला लिया गया हो। लेकिन मैं यहां अपने नेता के बिहार छोड़ने के फैसले पर अपनी पीड़ा जताने आया हूं। हमें अनाथ जैसा महसूस हो रहा है। राज्य उनका ऋणी है और उन्हें हमें इस तरह बीच मझधार में नहीं छोड़ना चाहिए।'
कार्यकर्ताओं का व्यथित होना स्वाभाविक -नीरज कुमार
जदयू के प्रवक्ता और विधान परिषद सदस्य नीरज कुमार ने पार्टी में चल रही हलचल पर कहा कि कार्यकर्ताओं का व्यथित होना स्वाभाविक है।
उन्होंने कहा, 'अपनी पीड़ा में वे कई तरह की बातें कह रहे हैं। मुझे नहीं लगता कि नीतीश कुमार ऐसे नेता हैं जिन्हें किसी भी प्रकार के दबाव में निर्णय लेने के लिए मजबूर किया जा सकता है। हालांकि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को कार्यकर्ताओं की नाराजगी को शांत करना चाहिए।' भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और मौजूदा मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने जदयू कार्यकर्ताओं के एक वर्ग द्वारा लगाए गए आरोपों पर टिप्पणी करने से इनकार किया।
मुख्यमंत्री पद की दौड़ में नहीं हूं-जायसवाल
उन्होंने कहा, 'नीतीश कुमार ने जो निर्णय लिया है, उसका हम सम्मान करते हैं। राज्यसभा के लिए उनके निर्वाचित होने के बाद बनने वाली नई सरकार का स्वरूप क्या होगा, यह फैसला शीर्ष नेतृत्व ही करेगा।' उन्होंने यह भी कहा कि वह मुख्यमंत्री पद की दौड़ में नहीं हैं। इस बीच, जदयू के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि मुख्यमंत्री आवास पर देर शाम विधायक दल की बैठक बुलाई गई है, जिसमें हालिया घटनाक्रम पर चर्चा के साथ पार्टी में नीतीश कुमार के पुत्र निशांत को दी जाने वाली भूमिका पर भी फैसला लिया जा सकता है। हाल में पार्टी ने घोषणा की थी कि नीतीश कुमार अपने इकलौते बेटे निशांत को राजनीति में उतारने पर सहमत हो गए हैं।
शाह की मौजूदगी में दायर किया नामांकन
नीतीश कुमार और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बृहस्पतिवार को यहां केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में राज्यसभा के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। वर्ष 2005 से रिकॉर्ड 10 बार मुख्यमंत्री रहे कुमार और नवीन ने बिहार विधानसभा की सचिव ख्याति सिंह के कक्ष में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इस मौके पर अमित शाह के अलावा दोनों उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा तथा राज्य सरकार के कई अन्य मंत्री भी मौजूद थे। इससे पहले दिन में नीतीश कुमार ने घोषणा की थी कि वह राज्यसभा का चुनाव लड़ेंगे, जिसके साथ ही बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने के उनके कार्यकाल का अंत हो जाएगा।
(एजेंसी इनपुट)
