बिहार के सीएम नीतीश कुमार इस बार विपक्षी एकता की कोशिश करते दिख रहे हैं। इससे पहले तेलंगाना के सीएम केसीआर और बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ये कोशिश कर चुकी हैं। ममता और केसीआर के पास जहां कांग्रेस का सपोर्ट नहीं था, या फिर वो कांग्रेस का सपोर्ट लेना भी नहीं चाहते थे, वहीं नीतीश कुमार के पास कांग्रेस का सपोर्ट है और वो बिना कांग्रेस के विपक्षी एकता की बात भी नहीं कर रहे हैं।
पटनायक के बाद सोरेन से मुलाकात
उड़ीसा के सीएम नवीन पटनायक से मिलने के बाद नीतीश कुमार बुधवार को झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन से मिले। इसके बाद नीतीश कुमार मुंबई जाएंगे, जहां वो शरद पवार और उद्धव ठाकरे से मुलाकात करेंगे। सोरेन से मुलाकात के समय राजद नेता तेजस्वी यादव और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह भी नीतीश के साथ थे।
मुलाकात पर क्या बोले नीतीश
हेमंत सोरेन से मुलाकात करने के बाद नीतीश ने कहा कि वह चाहते हैं कि अधिकतर विपक्षी दलों में एकजुटता हो जाये ताकि एक साथ आकर देश के समूचे इतिहास को बदलने की कोशिशों को नाकाम किया जा सके। सोरेन से मुलाकात के बाद नीतीश ने मुख्यमंत्री आवास पर मीडिया से बातचीत में कहा- "हमारी बातचीत एकजुट विपक्ष को लेकर केंद्रित रही। हम चाहते हैं कि अधिकतर विपक्षी दलों में एकजुटता हो जाये ताकि एक साथ होकर देश के समूचे इतिहास को बदलने की कोशिशों को नाकाम कर सकें।"
हेमंत सोरेन ने क्या
इस मौके पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा- "हम सभी केन्द्र सरकार के विपक्ष की राजनीति की भूमिका में हैं। देश के भीतर कैसे विचारों को एकजुट की जाये इस पर बातचीत हुई और सभी विचारों को एक साथ लाने के लिए ही हमलोग साथ बैठे। इस चर्चा के बाद हमलोग अन्य लोगों के साथ भी विस्तृत चर्चा करते हुए राजनीतिक विचारों को एकत्रित करने के लिए बहुत जल्द बैठक करने की कोशिश करेंगे।"
