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प्रशांत किशोर को लेकर भड़के नीतीश कुमार, पत्रकारों से कहा-अब कभी नाम मत लेना उसका

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  • Updated Oct 22, 2022, 07:39 AM IST

Nitish Kumar on Prashant Kishor: बुधवार को प्रशांत किशोर ने कहा था कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीजेपी के साथ संबंध अभी खत्म नहीं हुए हैं। राज्यव्यापी पदयात्रा पर निकले प्रशांत किशोर ने कहा कि नीतीश कुमार ने बीजेपी के साथ एक लाइन खुली रखी है। वह अपनी पार्टी के सांसद और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश जी के माध्यम से बीजेपी के संपर्क में हैं।

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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार।

Photo : ANI
KEY HIGHLIGHTS
  1. प्रशांत किशोर को लेकर भड़के नीतीश कुमार
  2. अब कभी पीके का नाम मत लेना- नीतीश कुमार
  3. नीतीश कुमार के बीजेपी के साथ संबंध अभी खत्म नहीं हुए- पीके

Nitish Kumar on Prashant Kishor: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर पर पलटवार करते हुए कहा कि वह अपने प्रचार के लिए बोलते हैं और जो चाहें बोल सकते हैं, हमें परवाह नहीं है। वह जवान है। एक समय था जब मैं उनका सम्मान करता था, लेकिन उन्होंने मेरा अपमान किया। साथ ही पत्रकारों से कहा कि भविष्य में प्रशांत किशोर का नाम उनके सामने न लें।

प्रशांत किशोर को लेकर भड़के बिहार के सीएम नीतीश कुमार

नीतीश कुमार के बीजेपी के साथ संबंध अभी खत्म नहीं हुए- पीके

दरअसल बुधवार को प्रशांत किशोर ने कहा था कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीजेपी के साथ संबंध अभी खत्म नहीं हुए हैं। राज्यव्यापी पदयात्रा पर निकले प्रशांत किशोर ने कहा कि नीतीश कुमार ने बीजेपी के साथ एक लाइन खुली रखी है। वह अपनी पार्टी के सांसद और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश जी के माध्यम से बीजेपी के संपर्क में हैं।

वहीं गुरुवार को ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने प्रशांत किशोर पर निशाना साधते हुए पूछा था कि पीके कौन है, क्या वह भविष्यवक्ता है? उसे दूसरों पर टिप्पणी करने से पहले अपने बारे में सोचना चाहिए। साथ हा कि मेरा मानना है कि वह एक भ्रमित व्यक्ति है, जो नहीं जानता कि उसके जीवन का क्या करना है। वह केवल उन लोगों के लिए काम करता है जो उसे किराए पर लेते हैं। ये सर्वविदित है कि वह बीजेपी के लिए काम कर रहा है, इसलिए वह लोगों के बीच भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहा है।

श्रवण कुमार ने कहा कि हमारे सीएम नीतीश कुमार ने खुले मंच से घोषणा की कि वह फिर से बीजेपी के साथ नहीं जाएंगे। उनके फैसले की समाज के सभी वर्गों, खासकर देश के विपक्षी नेताओं ने सराहना की। फिर भी प्रशांत किशोर जैसे लोग गठबंधन सहयोगियों के बीच मतभेद पैदा करने का हर संभव कोशिश कर रहे हैं।

दीपक पोखरिया
दीपक पोखरियाauthor

पहाड़ से हूं, इसलिए घूमने फिरने का शौक है। दिल्ली-नोएडा से ज्यादा उत्तराखंड में ही मन लगता है। कई मीडिया संस्थानों से मेरी करियर यात्रा गुजरी है और मई 2022 से Times Network में timesnowhindi.com के साथ जुड़ा हूं। यहां शुरूआत खबरों से हुई और अब नजरें फीचर टीम के जरिए पाठकों की पसंद के लेख लिखने पर रहती है। घुमक्कड़ी पसंद होने की वजह से मुख्य जिम्मेदारी timesnowhindi.com/travel की है। वैसे मैं देवभूमि उत्तराखंड के नैनीताल से हूं और यहीं पर जन्म हुआ। पढ़ाई की शुरुआत फिरोजपुर (पंजाब) से हुई। इसके बाद लखनऊ (उत्तर प्रदेश), रामपुर (उत्तकर प्रदेश), हल्द्वानी (उत्तराखंड) होते हुए देश की राजधानी दिल्ली से पढ़ाई की। हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज से ग्रेजुएशन पूरा किया। साथ ही NIIT से GNIIT किया। इसके बाद दिल्ली से भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। मीडिया में 12 साल से ज्यादा का अनुभव। टीवी, वेबसाइट और मोबाइल ऐप में अब तक काम किया। नौकरी की शुरुआत 2011 से की। अभी टाइम्स नाऊ नवभारत में 2 से अधिक सीनियर करोस्पेंडट के पद पर हूं। यात्रा सेक्शन से जुड़ने से पहले करीब डेढ़ साल पहले तक न्यूज में ही काम किया।

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