NDA Parliamentary Party Meeting: भारतीय जनता पार्टी ने केंद्र में लगातार तीसरी बार नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनाने की तैयारी पूरी कर ली है। हालांकि, 293 सीटें हासिल करने वाला एनडीए सरकार बनाने का दावा पेश करने से पहले नंबर गेम में 300 पार जाने के मूड में है। इसको लेकर भाजपा की ओर से पूरा खाका खींचा जा चुका है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, आज होने वाली संसदीय दल की बैठक में एनडीए विपक्ष को अपनी ताकत दिखाने का पूरा प्रयास करेगा।
बता दें, आज संसद भवन परिसर में सुबह 11 बजे एनडीए के सभी सांसदों की बैठक होगी। इस बैठक में एनडीए के सभी सांसद मिलकर नरेंद्र मोदी को एनडीए के संसदीय दल का नेता चुनेंगे। बैठक में भाजपा एवं सहयोगी दलों के सांसदों के साथ-साथ एनडीए सहयोगी दलों के नेता, भाजपा शासित सभी राज्यों के मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री, विभिन्न राज्यों से जुड़े भाजपा के वे नेता जो विधानसभा में विपक्ष के तौर पर काम कर रहे हैं समेत पार्टी के कई अन्य नेता भी मौजूद रह सकते हैं। इसके अलावा निर्दलीय व कुछ छोटी पार्टियों के सांसद भी बैठक से जुड़ सकते हैं।
दावा पेश करने से पहले 300 पार पहुंचने की कवायद
संसदीय दल की बैठक के बाद एनडीए के नेता राष्ट्रपति भवन जाकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के सामने सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। हालांकि, इससे पहले 293 सीटों वाला एनडीए 300 से ज्यादा सांसदों का समर्थन हासिल करना चाहता है। सूत्रों के अनुसार, बुधवार को पीएम आवास पर हुए एनडीए के नेताओं की बैठक में सर्वसम्मति से नरेंद्र मोदी को एनडीए के नेता चुनने के बाद कई अन्य सांसद भी भाजपा के संपर्क में आए हैं और निर्दलीय सांसदों के अलावा कुछ छोटी पार्टियों से भी बातचीत अंतिम दौर में पहुंच गई है। इस बात की पूरी संभावना है कि एनडीए नेता तीन सौ से ज्यादा सांसदों के समर्थन के साथ राष्ट्रपति के सामने सरकार बनाने का दावा पेश कर सकते हैं।9 जून को हो सकता है शपथ ग्रहण समारोह
सूत्रों के अनुसार, 9 जून की शाम को एनडीए सरकार का शपथ ग्रहण समारोह हो सकता है। हालांकि, इसे लेकर अभी तक औपचारिक घोषणा का इंतजार किया जा रहा है। इससे पहले भाजपा ने अपने सभी मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों को भी आज की महत्वपूर्ण बैठक के लिए दिल्ली बुलाया है। एनडीए संसदीय दल की बैठक के अलावा लोकसभा चुनाव परिणाम को लेकर भी शुक्रवार को भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों की अलग से अहम बैठक होने की संभावना भी है। इन बैठकों के लिए भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों एवं उपमुख्यमंत्रियों का राजधानी दिल्ली पहुंचना शुरू हो गया है।
