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अंबेडकर अपमान मामला: शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन भी संसद में हंगामा, लोकसभा-राज्यसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

Winter Session : बाबा साहेब अंबेडकर के कथित अपमान मामले में इंडी ब्लॉक का विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को भी जारी रहा। संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले संसद परिसर में भाजपा और कांग्रेस सहित विपक्ष के सदस्यों ने एक दूसरे पर अंबेडकर का अपमान करने का आरोप लगाते हुए विरोध-प्रदर्शन किया।

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लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हुई।

Winter Session : बाबा साहेब अंबेडकर के कथित अपमान मामले में इंडी ब्लॉक का विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को भी जारी रहा। संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले संसद परिसर में भाजपा और कांग्रेस सहित विपक्ष के सदस्यों ने एक दूसरे पर अंबेडकर का अपमान करने का आरोप लगाते हुए विरोध-प्रदर्शन किया। सांसदों के प्रदर्शन को देखते हुए पहले लोकसभा और फिर बाद में राज्यसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। संसद परिसर में अंबेडकर के कथित विरोध को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों ने एक दूसरे पर निशाना साधा।

कल की घटना के लिए भाजपा जिम्मेदार-डिंपल

समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने कहा कि मकर द्वार के बाहर जो गतिरोध और वाद-विवाद देखने को मिला है, उसके लिए केवल भाजपा के सांसद जिम्मेदार हैं। ऐसी धक्का-मुक्की पहले कभी देखने को नहीं मिली। डिंपल के साथ सपा के अन्य सांसद भी थे, सभी ने अपने हाथ में बाबा साहेब की तस्वीर ली हुई थी। भाजपा के सांसद के सुधाकर ने कहा कि कल जो हुआ वह असंसदीय था। यह हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था में एक काले दिन की तरह है। विपक्ष के नेताओं ने गुरुवार को जिस तरह से बर्ताव किया, वह पूरी तरह से अलोकतांत्रिक एवं गैर-मर्यादित था।

भाजपा के सांसद धक्कामुक्की कर रहे थे-जया

सपा सांसद जया भादुड़ी ने कहा कि कल की धक्कामुक्की एक गढ़ी हुई घटना थी। ये लोग विपक्ष के सांसदों को सदन में जाने से रोक रहे थे। सपा नेता ने कहा, 'सांसदों को भीतर जाने से रोकते हुए मैंने देखा है। वे धमकी और धक्कामुक्की कर रहे थे।'

राज्यसभा में विपक्षी दलों का हंगामा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की, संविधान निर्माता बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर पर की गई टिप्पणी को लेकर शुक्रवार को राज्यसभा में विपक्षी दलों ने हंगामा किया, जिसके कारण उच्च सदन की कार्यवाही आरंभ होने के कुछ ही देर बाद दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। सुबह सदन की बैठक आरंभ होते ही पूरा सदन ‘जय भीम’ के नारों से गूंज उठा। इसी बीच, सभापति जगदीप धनखड़ ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए। उन्होंने सदन को सूचित किया कि उन्हें नियम 267 के तहत आज भी कुछ नोटिस मिले हैं। इस पर कांग्रेस के जयराम रमेश ने कहा कि कहा कि कृपया उन मुद्दों को बताएं जिनके लिए नोटिस दिए गए हैं।

दो दिनों से संसद में जोरदार हंगामा

सभापति धनखड़ ने संसद में लगातार हो रहे हंगामे और कार्यवाही बाधित होने पर चिंता जताई और सभी पक्ष के सदस्यों से इस पर आत्मचिंतन करने को कहा। इसी बीच, विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरु कर दिया जिसके बाद सभापति ने 11 बजकर 07 मिनट पर सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी। ज्ञात हो कि इसी मुद्दे पर पिछले दो दिनों से संसद में जोरदार हंगामा हो रहा है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि शाह ने राज्यसभा में ‘भारत के संविधान की 75 वर्षों की गौरवशाली यात्रा’ विषय पर दो दिन तक चली चर्चा का जवाब देते हुए मंगलवार को अपने संबोधन के दौरान बाबासाहेब का अपमान किया।

'सात जन्मों तक स्वर्ग मिल जाता'

मुख्य विपक्षी दल ने शाह के संबोधन का एक वीडियो अंश भी जारी किया जिसमें गृह मंत्री विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए यह कहते सुने जा सकते हैं कि ‘अभी एक फैशन हो गया है- आंबेडकर, आंबेडकर...। इतना नाम अगर भगवान का लेते तो सात जन्मों तक स्वर्ग मिल जाता।’

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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