Maharashtra NCP Crisis: महाराष्ट्र की सियासत में भूचाल मचा हुआ है। अजित पवार की बगावत के बाद शरद पवार की पार्टी NCP पर सियासी संकट खड़ा हो गया है। डर है कि एनसीपी का चुनाव चिह्न भी अजित पवार के पास जा सकता है। ऐसे में पवार फैमिली की तीसरे पीढ़ी के नेता विधायक रोहित पवार ने कहा है NCP की पहचान चुनाव चिह्न से नहीं, बल्कि शरद पवार के चेहरे से है।
टाइम्स नाउ नवभारत के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत में रोहित ने एनसीपी पर खड़े संकट पर खुलकर बातचीत की। उन्होंने कहा, अजित पवार की बगावत के बाद परिवार में गुस्सा और नाराजगी का माहौल है। हम सभी शॉक में हैं। उन्होंने कहा, प्रतिभा दादी (शरद पवार की पत्नी) को भी उतना ही बुरा लगा है, जितना किसी भी मां को लगेगा।
पवार साहब के साथ पूरी जनता
रोहित पवार ने कहा, 2019 की शपथ के बाद अजित दादा को पार्टी से इसलिए नहीं निकला गया, क्योंकि तब तक तो विश्वास था कि सबकुछ सही हो जाएगा। उन्होंने कहा, शरद पवार के साथ पूरी जनता खड़ी है। विधायकों के आंकड़ों पर उन्होंने कहा, अब कितने विधायक साथ हैं, कितने नहीं... ये आज नहीं बता सकते। उन्होंने बताया, कल दोपहर एक बजे मीटिंग में सभी नेताओं, पदाधिकारियों को बुलाया गया है। तब देखते हैं क्या होता है। हमें शक्ति प्रदर्शन करने की जरूरत नहीं है।
विधानसभा स्पीकर भाजपा के आदमी
महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष के सामने नौ विधायकों की अयोग्यता याचिका पर रोहित ने कहा, विधानसभा के स्पीकर बीजेपी के हैं। हमारा विश्वास है कि वो न्यूट्रल रहेंगे, लेकिन आखिर में वो बीजेपी के ही हैं। ऐसे में उनके नेता जो कहेंगे वो शायद वैसा ही करेंगे। शायद वे थोड़ा ज्यादा टाइम लेंगे या जल्दबाजी में निर्णय लेंगे, ये पता नहीं। उन्होंने कहा, इन परिस्थिति में बीजेपी की कोशिश है कि राज्य में मिड टर्म चुनाव दिसंबर में हों।
चुनाव चिह्न नहीं शरद पवार पार्टी का चेहरा
रोहित ने कहा, जब शरद पवार कांग्रेस से अलग हुए तो लोगों ने हमारे चुनाव चिन्ह को नहीं देखा बल्कि शरद पवार को देखा। अगर अब भी हमारा चुनाव चिन्ह चला जाए तो लोग शरद पवार को ही देखेंगे। उन्होंने कहा, हमारे साथ बहुत बड़ा अन्याय हुआ है। उन्होंने कहा, जनता जानती है कि पवार साहब ही एनसीपी हैं और एनसीपी ही पवार साहब। पार्टी का भविष्य पवार साहब ने लिखा था और उसके लिए जो परिश्रम करनी थी, वो उन्होंने की। चुनाव चिन्ह का क्या होगा वो तो आगे पता चलेगा, लेकिन फिलहाल हमारा संघर्ष जारी रहेगा।
